देवउठनी एकादशी का महत्व और परंपरा
देवउठनी एकादशी का त्योहार भारतीय संस्कृति में अत्यंत पवित्र माना जाता है, जिसमें भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं। इस दिन से सभी देवता भी जागरूक हो जाते हैं और चातुर्मास का अंत हो जाता है। इस व्रत का पालन करने से भक्तों के सभी पाप धुल जाते हैं और मृत्यु के बाद स्वर्ग की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत कथा सुनना अत्यंत शुभ माना जाता है, जो भक्तों के जीवन में सुख-समृद्धि लाता है।
देवउठनी एकादशी की व्रत कथा का सार
प्राचीन काल में एक धर्मपरायण और न्यायप्रिय राजा था, जिसके राज्य में हर व्यक्ति एकादशी के दिन व्रत रखता था। उस दिन कोई भी अन्न का सेवन नहीं करता था, बल्कि भगवान विष्णु की पूजा और भक्ति में लीन रहता था। एक दिन, एक व्यक्ति दूसरे राज्य से नौकरी की तलाश में राजा के पास पहुंचा। राजा ने कहा, “हम तुम्हें नौकरी देंगे, लेकिन एक शर्त है – हमारे राज्य में एकादशी के दिन अन्न का सेवन वर्जित है, केवल फल और दूध ही खाए जाते हैं।” उस व्यक्ति ने सहमति दी।
भक्त की सच्ची भक्ति और भगवान का दर्शन
कुछ दिनों बाद जब एकादशी आई, तो उस व्यक्ति ने फल और दूध खाया। लेकिन उसकी भूख पूरी नहीं हुई, तो उसने राजा से अन्न की मांग की। राजा ने समझाया कि यह व्रत का नियम है, पर वह व्यक्ति नहीं माना। अंततः राजा ने उसे अन्न दे दिया। वह नदी किनारे गया, स्नान किया और भगवान विष्णु को पुकारते हुए भोजन बनाने लगा। तभी भगवान विष्णु पीताम्बर धारण कर प्रकट हुए और उसके साथ प्रेमपूर्वक भोजन किया। इसके बाद भगवान ने उसे अपने दिव्य विमान में बैठाकर वैकुंठ ले गए।
अगली एकादशी पर वह व्यक्ति फिर से भगवान को पुकारने लगा, लेकिन भगवान नहीं आए। वह दुखी होकर नदी में कूदने का प्रयास करने लगा, तभी भगवान प्रकट हुए और बोले, “रुको भक्त! मैं आ गया हूं।” भगवान उसके साथ बैठकर भोजन करने लगे और उसे अपने स्वर्गीय धाम ले गए। इस कथा से यह शिक्षा मिलती है कि सच्ची भक्ति और श्रद्धा से भगवान स्वयं भक्त के पास आते हैं।
इस प्रकार, देवउठनी एकादशी का त्योहार हमें सिखाता है कि व्रत का असली अर्थ केवल अन्न का त्याग नहीं, बल्कि मन की पवित्रता, श्रद्धा और प्रेम है। जब मन सच्चे भाव से भक्ति करता है, तो भगवान स्वयं भक्त के जीवन में प्रवेश करते हैं। इस दिन की पूजा और कथा सुनना जीवन में सुख, शांति और मोक्ष की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।










