देवउठनी एकादशी का महत्व और शुभ अवसर
हिंदू धर्म में देवउठनी एकादशी का विशेष स्थान है, जिसे विष्णु जागरण के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु अपनी चार महीने की योग निद्रा से जागते हैं, जिससे इसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस पावन अवसर पर विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, व्यापार की शुरुआत और अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए जा सकते हैं। इस वर्ष यह त्योहार 01 नवंबर 2025 को मनाया जाएगा। इस दिन को और भी शुभ बनाने के लिए घर के कुछ खास स्थानों पर दीपक जलाना अत्यंत लाभकारी माना गया है। आइए जानते हैं वे कौन से स्थान हैं और इन उपायों को कैसे अपनाना चाहिए।
शुभ दीपक जलाने के स्थान और उपाय
तुलसी के पौधे के पास दीपक
देवउठनी की शाम को तुलसी माता के पौधे के पास घी के पांच दीपक जलाएं। तुलसी माता को हरिप्रिया और लक्ष्मी स्वरूप माना जाता है। इस उपाय से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति आती है और धन की देवी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
मुख्य द्वार पर दीपक
घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर गाय के घी से बने दीपक जलाएं। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। यह उपाय घर की खुशहाली और समृद्धि के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
पीपल के पेड़ के नीचे दीपक और परिक्रमा
पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाकर उसकी सात परिक्रमा करें। इस क्रिया से कर्ज से मुक्ति मिलती है और धन लाभ के योग बनते हैं। यह उपाय आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक होता है।
रसोई घर और अन्य धार्मिक अनुष्ठान
रसोई घर में दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है, क्योंकि इसे अन्नपूर्णा देवी का स्थान माना जाता है। दीपक जलाने से घर में अन्न की कमी नहीं रहती और धन-धान्य का आगमन होता है। इसके अलावा, तुलसी के पौधे को साफ-सुथरा रखना, घर के प्रवेश द्वार को सजाना और छोटे-छोटे धार्मिक अनुष्ठान करना भी घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि लाने का अच्छा उपाय है। इन सरल उपायों को अपनाकर आप अपने घर में सुख-शांति और खुशहाली सुनिश्चित कर सकते हैं।
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