छोटी दिवाली के शुभ उपाय और परंपराएं
छोटी दिवाली हर वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है, जो इस बार 19 अक्टूबर 2025 को पड़ रही है। इस पावन अवसर पर भगवान कृष्ण, माता लक्ष्मी और भगवान हनुमान की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि यदि इस दिन पूजा के साथ कुछ खास ज्योतिषीय उपाय किए जाएं, तो पूजा का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है।
छोटी दिवाली पर किए जाने वाले महत्वपूर्ण उपाय
छोटी दिवाली के दिन सूर्योदय से पहले स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन शरीर पर तेल लगाकर स्नान करना और उबटन का प्रयोग भी शुभ फलदायक माना गया है। स्नान के पानी में नीम के पत्ते डालना भी लाभकारी होता है। साथ ही, घर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि कहा जाता है कि लक्ष्मी जी वहीं वास करती हैं जहां नियमित रूप से स्वच्छता का पालन होता है।
छोटी दिवाली के नाम और पूजा का शुभ समय
छोटी दिवाली को विभिन्न नामों से भी जाना जाता है, जैसे नरक चतुर्दशी, रूप चौदस, काली चौदस और रूप चतुर्दशी। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त 19 अक्टूबर 2025 को शाम 5 बजकर 47 मिनट से शुरू होकर रात 9 बजे तक रहता है। इस समय के दौरान पूजा करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं।
नरक चतुर्दशी का धार्मिक महत्व
पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान कृष्ण ने अपनी पत्नी सत्यभामा की सहायता से कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन नरकासुर नामक असुर का वध किया था। इस दिन उन्होंने 16,100 कन्याओं को उसके बंदीगृह से मुक्त कराया। तभी से इस दिन को अधर्म पर धर्म की विजय के रूप में मनाया जाता है।










