छठ पूजा 2025 का सूर्यास्त समय और महत्व
27 अक्टूबर को पूरे भारत में श्रद्धा और उल्लास के साथ छठ पूजा का त्योहार मनाया जा रहा है। यह हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जो चार दिनों तक चलता है। इस पर्व का तीसरा दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, जब व्रती सूर्यास्त के समय घाटों पर इकट्ठा होकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं और छठी माता की पूजा करते हैं। सूर्यास्त का समय देश के विभिन्न शहरों में अलग-अलग होता है, जो इस पावन अवसर पर व्रतियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
देश के प्रमुख शहरों में सूर्यास्त का समय
दिल्ली और नोएडा में सूर्यास्त का समय शाम 05 बजकर 40 मिनट है। वहीं पटना में यह समय शाम 05 बजकर 11 मिनट है। भोपाल में सूर्यास्त शाम 05 बजकर 45 मिनट, लखनऊ में 05 बजकर 27 मिनट, और गोरखपुर में 05 बजकर 18 मिनट है। वाराणसी और आगरा में सूर्यास्त का समय 05 बजकर 21 मिनट और 05 बजकर 18 मिनट है। मुंबई में सूर्यास्त का समय शाम 06 बजकर 08 मिनट है, जबकि बेंगलुरु में यह 05 बजकर 55 मिनट है। इन समयों का ध्यान रखते हुए व्रती अपने अर्घ्य की तैयारी करते हैं।
छठ पूजा का धार्मिक महत्व और परंपराएं
छठ पूजा भगवान सूर्य देव और छठी माता को समर्पित एक अत्यंत पवित्र पर्व है, जिसे श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा अपने परिवार की सुख-समृद्धि और संतान की दीर्घायु की कामना के लिए किया जाता है। तीसरे दिन का व्रत निर्जला उपवास के साथ किया जाता है, जिसमें व्रती सूर्यास्त के समय डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। यह पर्व विशेष रूप से सूर्य की डूबती और उगती किरणों की पूजा का प्रतीक है, जो जीवन में ऊर्जा और प्रकाश का संचार करता है। अगले दिन प्रातः सूर्य उदय के समय अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया जाता है, जिससे यह पर्व पूर्ण होता है।











