छठ पूजा 2025 का महत्व और शुभ समय
छठ पूजा का त्योहार भारत में खास महत्व रखता है, जो सूर्य भगवान की पूजा और श्रद्धा का प्रतीक है। इस वर्ष छठ व्रतियों ने बुधवार की शाम अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया, जो इस पावन पर्व का अंतिम चरण था। आगामी मंगलवार 28 अक्टूबर को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने का शुभ अवसर है, जो श्रद्धालुओं के बीच अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस दौरान छठ घाटों पर भारी भीड़ उमड़ती है, जहां भक्तजन सूर्य भगवान की पूजा कर अपने जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं। साथ ही, वे अगली वर्ष की छठ पूजा में फिर से भाग लेने का संकल्प भी लेते हैं।
देश के प्रमुख शहरों में उषा अर्घ्य का समय
छठ पूजा के दौरान उषा अर्घ्य का समय हर शहर में अलग-अलग होता है, जो सूर्य उदय के समय पर निर्भर करता है। दिल्ली में यह समय सुबह 6 बजकर 31 मिनट है, जबकि नोएडा में यह 6 बजकर 29 मिनट पर है। पटना में सूर्य उदय का समय 5 बजकर 55 मिनट है, वहीं भोपाल में यह 6 बजकर 23 मिनट है। लखनऊ में सूर्य उदय 6 बजकर 13 मिनट पर होता है, और गोरखपुर तथा वाराणसी में यह 6 बजकर 3 मिनट है। कोलकाता में सूर्य उदय का समय 5 बजकर 39 मिनट है, जबकि मुंबई में यह 6 बजकर 37 मिनट पर है। इन समयों का ध्यान रखते हुए श्रद्धालु अपने घरों और घाटों पर सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगे।
सूर्य भगवान की आरती और पूजा का महत्व
सूर्य भगवान की पूजा में विशेष रूप से उनकी आरती का महत्व है, जिसमें कहा जाता है, “ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।” यह आरती सूर्य के तेज, प्रकाश और जीवनदायिनी शक्ति का प्रतीक है। भक्तगण सूर्य की आरती के माध्यम से उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हैं और अपने जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना करते हैं। सूर्य भगवान का आह्वान करते हुए कहा जाता है कि वे त्रिगुण स्वरूपा हैं, जो सभी जीवों को जीवनदायिनी ऊर्जा प्रदान करते हैं। इस पूजा में सूर्य के प्रकाश, उनके तेज और उनके अद्भुत स्वरूप का स्मरण किया जाता है, जो पूरे विश्व के जीवन का आधार हैं।











