छठ महापर्व का महत्व और पूजा का समय
छठ महापर्व का त्योहार भारतीय संस्कृति का एक प्रमुख हिस्सा है, जिसमें श्रद्धालु सूर्य भगवान की पूजा करते हैं। यह पर्व खासतौर पर बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस पर्व के दौरान श्रद्धालु सूर्यास्त और सूर्योदय के समय अर्घ्य देकर भगवान सूर्य की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। आज 27 अक्टूबर 2025 को संध्या अर्घ्य का आयोजन किया गया है, जबकि कल 28 अक्टूबर 2025 को उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया जाएगा। इस दिन का मुख्य उद्देश्य परिवार की खुशहाली और समृद्धि की कामना करना है।
झारखंड में सूर्य उदय का समय और छठ पूजा का शेड्यूल
यदि आप झारखंड में हैं और जानना चाहते हैं कि कल सूर्योदय कब होगा और उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने का सही समय क्या है, तो यहां हम आपको प्रमुख शहरों का सूर्य उदय का समय बता रहे हैं। यह जानकारी आपके छठ पूजा के आयोजन को आसान बनाने में मदद करेगी। झारखंड के विभिन्न शहरों में सूर्य उदय का समय सुबह के लगभग 5:43 से 5:59 के बीच रहता है। उदाहरण के तौर पर, देवघर, गिरिडीह और जामताड़ा में सूर्योदय का समय लगभग 5:48 बजे है, जबकि पाकुड़ और साहिबगंज में यह 5:43 बजे है। इन समयों का ध्यान रखते हुए आप अपने शहर में सूर्य उदय के समय पर अर्घ्य दे सकते हैं।
सूर्योदय का समय और पूजा का महत्व
छठ पूजा के दौरान सूर्य उदय का समय बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह समय भगवान सूर्य को अर्घ्य देने का सर्वोत्तम अवसर होता है। झारखंड के प्रमुख शहरों में सूर्योदय का समय सुबह 5:43 से 5:59 के बीच रहता है, जो श्रद्धालुओं को सूर्य को अर्घ्य देने का सही समय प्रदान करता है। इस समय के दौरान सूर्य की पहली किरणें भगवान सूर्य की पूजा के लिए शुभ मानी जाती हैं। इस पर्व में पूजा के दौरान श्रद्धालु अपने मन की भावनाओं और श्रद्धा के साथ सूर्य भगवान का आह्वान करते हैं, जिससे उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।











