बिहार में छठ पूजा की तैयारियों में तेजी
बिहार की राजधानी पटना में छठ महापर्व की धूम मची हुई है, जहां कई घाटों की सफाई और सौंदर्यीकरण का कार्य बड़े उत्साह के साथ चल रहा है। खासतौर पर श्रीश्री छठ पूजा समिति, लालजी टोला द्वारा घाट निर्माण का कार्य जोर-शोर से किया जा रहा है, जिससे गंगा और जमुना नदी के किनारे का दृश्य अत्यंत आकर्षक बन रहा है।
सामाजिक सद्भाव और परंपरा का अनोखा मेल
लालजी टोला के निवासी और आयोजनकर्ता मनोज कुमार के नेतृत्व में पिछले पंद्रह वर्षों से हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग मिलकर छठ व्रतियों के लिए तैयारियों में जुटे हैं। इसमें घाट की सफाई, सजावट के साथ-साथ व्रतियों की सुरक्षा के लिए मेडिकल सुविधाओं का भी ध्यान रखा जा रहा है।
सामाजिक एकता का प्रतीक है यह परंपरा
समिति के सदस्यों तबरेज अली, आमिर अली और गब्बर अली ने बताया कि यह परंपरा पिछले 15 वर्षों से चली आ रही है, जिसमें दोनों समुदाय एक-दूसरे का सहयोग करते हैं। छठ पर्व प्रकृति को समर्पित त्योहार है, इसलिए इसे सभी समुदाय मिलकर मनाते हैं, जो समाज में सौहार्द और सकारात्मकता का संदेश फैलाता है।
किन्नर समाज भी निभा रहा है अपनी भूमिका
इस घाट की एक खास बात यह है कि हर साल किन्नर समाज के लोग भी यहां आकर भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। आयोजन समिति में अमित यादव, अभिषेक यादव, विजय अभिषेक, मन्नू यादव, कुंदन यादव, तबरेज और सुरभि किन्नर का विशेष योगदान रहा है। मन्नू यादव ने बताया कि व्रतियों के लिए अस्थाई तालाब का निर्माण अंतिम चरण में है, और घाट के आसपास लगभग दो किलोमीटर क्षेत्र में मोहल्ले की सजावट भी की जा रही है।
छठ महापर्व का शुभारंभ नहाय-खाय से
इस साल छठ पूजा शनिवार से शुरू हुई, जहां महानंदा, चेंगा नदी और मेची नदी के तटों पर भारी संख्या में व्रतियों की भीड़ उमड़ी। पारंपरिक गीतों के बीच पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। पहले दिन व्रतधारी नदियों, तालाबों और जलाशयों में स्नान कर अरबा चावल, चने की दाल और लौकी की सब्जी ग्रहण करते हैं। साथ ही खरना की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। बाजारों में टोकरी, सूप, नारियल, ईख और फलों की खरीदारी का सिलसिला जारी है, जिसमें व्रतधारी घी, गुड़, गेहूं और अरबा चावल की खरीदारी कर रहे हैं।











