30 अक्टूबर 2025 का पंचांग और धार्मिक महत्व
आज का पंचांग 30 अक्टूबर 2025, गुरुवार का दिन विशेष धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। इस दिन शुभ मुहूर्त, नक्षत्र, तिथि, वार, योग और करण की जानकारी कार्यों में सफलता और शुभता लाने में सहायक होती है। जानिए इस दिन पूजा, व्रत और अन्य शुभ कार्यों के लिए कौन-कौन से समय और उपाय उपयुक्त हैं।
दिन का ज्योतिषीय विश्लेषण और शुभ मुहूर्त
आज का दिन कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि के बाद दशमी में परिवर्तित हो रहा है। इस दिन का सूर्योदय 05:56 बजे और सूर्यास्त 05:09 बजे है। नक्षत्र श्रवण के बाद धनिष्ठा का प्रभाव रहेगा। योग गण्ड और करण कौ शुभ संकेत देते हैं। ग्रहों की स्थिति में सूर्य तुला राशि में, चंद्रमा मकर, मंगल वृश्चिक, बुध वृश्चिक, गुरु कर्क, शुक्र कन्या, शनि कुंभ, राहु कुंभ और केतु सिंह राशि में हैं। इन ग्रहों की स्थिति से दिन के शुभ और अशुभ समय का निर्धारण होता है।
शुभ समय और उपाय
गुरुवार के चौघड़िया समय में प्रातः 06:00 से 07:30 बजे का समय शुभ माना गया है। इसके बाद 07:30 से 09:00 तक रोगप्रद, 09:00 से 10:30 तक उद्वेग, 12:00 से 01:30 तक चरदोपहर, 01:30 से 03:00 तक लाभदायक, 03:00 से 04:30 तक अमृत और 04:30 से 06:00 तक कालशाम का समय है। इस दिन तंदूर की बनी रोटी कुत्तों को खिलाना शुभ माना जाता है। पूजा के लिए ऊं हं हनुमते रूद्रात्मकाय हुं फट मंत्र का जप करें।









