राजस्थान में फर्जी पुलिस अधिकारी का खुलासा
राजस्थान के झालावाड़ जिले में एक चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है, जिसमें तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि इन व्यक्तियों ने अपने आप को मध्य प्रदेश पुलिस का ट्रैफिक इंचार्ज और स्टाफ बताकर एक शादी समारोह में अपने रिश्तेदारों को प्रभावित करने का प्रयास किया। इन लोगों ने अपनी प्राइवेट कार पर लाल-नीली बत्ती लगाकर खुद को पुलिस अधिकारी दर्शाने की कोशिश की।
पुलिस की जांच और गिरफ्तारी का घटनाक्रम
जयपुरिया मिल पर पेट्रोलिंग कर रही भवानीमंडी पुलिस की टीम ने जब एक सफेद कार को रोका, जिसमें पुलिस बत्ती लगी हुई थी, तो संदेह हुआ। ड्राइवर रवि ने खुद को मध्य प्रदेश पुलिस का ट्रैफिक इंचार्ज बताया और साथ में मौजूद अभिषेक और सुनील को पुलिस स्टाफ होने का दावा किया। पुलिस ने जब इनसे अपने विभाग का ID कार्ड और परमिट दिखाने को कहा, तो वे असमर्थ रहे। इस पर पुलिस ने दबाव बनाना शुरू किया, जिससे वे घबरा गए। रवि ने बताया कि उसने शादी में रिश्तेदारों को प्रभावित करने के लिए यह सब किया था।
आरोपियों की गिरफ्तारी और जब्ती
पुलिस ने तीनों आरोपियों रवि बैरवा (37) उज्जैन, अभिषेक बैरवा (22) नई दिल्ली और सुनील तोमर (36) उज्जैन के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। साथ ही, पुलिस ने उस कार को भी जब्त कर लिया, जिसका उपयोग ये लोग सरकारी गाड़ी के रूप में कर रहे थे। इस घटना ने पुलिस की सतर्कता और फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत फिर से उजागर हुई।











