सवाई मानसिंह अस्पताल में आग लगने के बाद कड़ी कार्रवाई
राजस्थान सरकार ने सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में आग लगने की घटना के तुरंत बाद प्रभावी कदम उठाए हैं। इस हादसे के जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटाने का निर्णय लिया गया है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुशील भाटी और ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी डॉ. अनुराग धाकड़ को उनके पद से हटा दिया गया है। साथ ही, अस्पताल में कार्यरत अधीक्षण अभियंता मुकेश सिंघल को निलंबित कर दिया गया है। सरकार ने मृतकों के परिजनों को दस लाख रुपये का मुआवजा भी घोषित किया है।
फायर सुरक्षा व्यवस्था और जांच का आदेश
सरकार ने फायर सेफ्टी का जिम्मा संभाल रही एसके इलेक्ट्रिक कंपनी की निविदा रद्द कर दी है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने घटना के तुरंत बाद रात तीन बजे अस्पताल का निरीक्षण किया और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का आदेश दिया। इस हादसे की जांच के लिए छह सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता चिकित्सा शिक्षा आयुक्त करेंगे। समिति घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच करेगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
अस्पताल में सुरक्षा और भविष्य की योजना
मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि जून महीने में ही अस्पतालों में फायर सेफ्टी और सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत अध्ययन करने का निर्देश दिया गया था। रिपोर्ट के आधार पर पहले चरण में सवाई मानसिंह अस्पताल और उससे जुड़े अस्पतालों में सुरक्षा उपाय मजबूत किए जाएंगे। इसके बाद पूरे प्रदेश के अस्पतालों में आवश्यक सुरक्षा प्रावधान लागू किए जाएंगे। अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि क्षतिग्रस्त ICU को तुरंत ठीक किया जाए और तब तक मरीजों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल और फायर सुरक्षा एजेंसियों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।











