जयपुर के SMS अस्पताल में भीषण आग का हादसा
राजस्थान की राजधानी जयपुर के प्रसिद्ध SMS अस्पताल (Sawai Man Singh Hospital) में रविवार रात एक दर्दनाक आग लगने की घटना ने पूरे अस्पताल को हिला कर रख दिया। यह हादसा मुख्य रूप से ट्रॉमा सेंटर की दूसरी मंजिल पर स्थित आईसीयू में हुआ, जहां तेज लपटें और धुआं फैलने लगे। इस आगजनी ने अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में अफरा-तफरी मचा दी।
आग लगने का कारण और प्रारंभिक जानकारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रात करीब 11 बजकर 10 मिनट पर ट्रॉमा बिल्डिंग के सेकेंड फ्लोर पर न्यूरो वार्ड के स्टोर से धुआं निकलने लगा। शुरुआत में मरीजों ने अस्पताल स्टाफ को इसकी सूचना दी, लेकिन तब तक धुआं तेजी से फैल चुका था। कुछ ही देर में आग की लपटें आईसीयू से दिखाई देने लगीं। माना जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट ही इस आग का कारण हो सकता है, हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आग से हुई जानमाल की क्षति और बचाव कार्य
आग लगते ही अस्पताल के कर्मचारियों और तीमारदारों में भगदड़ मच गई। मरीजों को सुरक्षित निकालने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत कदम उठाए। कई मरीजों को बेड और गद्दे समेत बाहर भागना पड़ा। इस दौरान दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। अस्पताल सूत्रों का कहना है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी हो सकती है, लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। इस हादसे में सात मरीजों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलसे हैं।
पीड़ितों और अस्पताल प्रबंधन की प्रतिक्रिया
इस हादसे में अपने परिजन को खोने वाले एक शख्स ने बताया कि उसकी मौसी का बेटा, जिसका नाम पिंटू था और उम्र 25 साल थी, रात को धुआं निकलते ही अस्पताल पहुंचा था। उसने कहा कि जैसे ही धुआं बढ़ने लगा, अस्पताल के स्टाफ और डॉक्टर बाहर भाग गए। कुछ मरीजों को बाहर निकालने में सफलता मिली, लेकिन बहुत से मरीज अंदर ही फंसे रह गए। मृतकों में से कई गंभीर हालत में थे, और अस्पताल ने कहा है कि मरीजों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। इस घटना ने सरकारी अस्पतालों की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।











