जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में भीषण आग का मामला
जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS) में रविवार रात को लगी भीषण आग ने पूरे अस्पताल को हिला कर रख दिया। इस आगजनी में आठ लोगों की मौत हो गई, जिनमें से एक महिला भी शामिल है। अभी तक इस हादसे की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है, जबकि अस्पताल की अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का दावा करने वाले भी चुप्पी साधे हुए हैं। इस हादसे के दौरान मारे गए मरीजों का पोस्टमार्टम किया जा रहा है, जिसमें 50 वर्षीय महिला सर्वेश देवी का भी शव शामिल है।
मृतका का दर्दनाक अनुभव और हादसे का घटनाक्रम
सर्वेश देवी को चार दिन पहले ही उनके परिजन अस्पताल लेकर आए थे, आशा थी कि उनका उचित इलाज होगा। लेकिन नाकारा सिस्टम ने उनकी जान ले ली। मृतका का एक्सीडेंट हुआ था और वह सिर के ऑपरेशन के लिए ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में भर्ती थी। बीती रात हुए इस भयानक हादसे में उसकी भी मौत हो गई। घटना के वक्त मृतका के भतीजे रमाकांत ने बताया कि वह उस समय उनके पास ही थे, जब आग लगी। उन्होंने नर्सिंग स्टाफ को सूचित किया, लेकिन धुएं को देखकर उन्होंने अनसुना कर दिया। अचानक जोरदार धमाका हुआ और पूरे अस्पताल में धुआं फैल गया। नर्सिंग स्टाफ ने भागना शुरू कर दिया, जिससे सर्वेश देवी समेत कई मरीजों की जान चली गई।
आग लगने का कारण और अस्पताल का बचाव प्रयास
रविवार रात को ट्रॉमा सेंटर की दूसरी मंजिल पर स्थित ICU में अचानक आग लग गई, जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में पूरे ICU का क्षेत्र धुएं से भर गया। अस्पताल प्रशासन और दमकल विभाग तुरंत सक्रिय हो गए। दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए गए। अस्पताल कर्मचारियों ने गंभीर मरीजों को बेड सहित बाहर निकाला और अन्य मरीजों को सुरक्षित वार्डों में शिफ्ट किया। इस हादसे में कई मरीज झुलस गए हैं, और अभी भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इस त्रासदी के जिम्मेदार कौन हैं।











