ओडिशा में सिंगापुर नौकरी फर्जीवाड़े का खुलासा
ओडिशा के गंजम जिले में एक बड़े धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें सिंगापुर में नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 500 युवाओं से ठगी की गई है। पुलिस ने इस मामले में 45 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान हिलपटना (Bihar) निवासी सुब्रत कुमार पालो के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, बेरहामपुर सदर थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर बुधवार को आरोपी को हिरासत में लिया गया। जांच के दौरान उसके पास से दो मोबाइल फोन, हवाई टिकटों की फोटोकॉपी, सिंगापुर के कंप्यूटर जनरेटेड वर्क परमिट (Work Permit) बरामद किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, आरोपी के पास से चेन्नई स्थित एक डायग्नोस्टिक सेंटर की स्वास्थ्य जांच रिपोर्ट और एक शिपिंग कंपनी के फर्जी नियुक्ति पत्र भी मिले हैं।
फर्जी जॉब कंसल्टेंसी और धोखाधड़ी का खुलासा
जांच में पता चला है कि सुब्रत पालो ने एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर भवानीपुर इलाके में एक नकली जॉब कंसल्टेंसी और ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया था। पोस्टर, बैनर और पर्चों के माध्यम से युवाओं को सिंगापुर में अच्छी नौकरी का लालच देकर इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता था। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने हर उम्मीदवार से लगभग तीस हजार रुपये वसूल किए और कुल मिलाकर करीब 500 युवाओं को ठगा गया है।
बेरहामपुर एसपी सरवणा विवेक एम ने बताया कि आरोपी पहले भी तीन धोखाधड़ी के मामलों में शामिल रहा है, जिनमें आंध्र प्रदेश और ओडिशा के विभिन्न थानों में केस दर्ज हैं। मामले की जांच अभी जारी है, साथ ही पुलिस उसके फरार साथी की तलाश कर रही है और ठगी की कुल रकम का भी आकलन कर रही है।
आरोपी का आपराधिक इतिहास और आगे की जांच
पुलिस के अनुसार, आरोपी सुब्रत पालो ने अपने पूर्व मामलों में भी धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम दिया है। इस मामले में अब पुलिस उसकी गिरफ्तारी के साथ-साथ उसकी संलिप्तता के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। यह फर्जीवाड़ा युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाला है, और पुलिस इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई कर रही है।











