ओडिशा में बीजू जनता दल का बड़ा कदम: दो विधायकों का निलंबन
ओडिशा की प्रमुख विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (BJD) ने गुरुवार को अपने दो विधायकों को पार्टी से निलंबित कर दिया है। इन विधायकों पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है, और इन्हें भ्रष्टाचार और गद्दारी का दोषी माना गया है।
बीजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन पटनायक द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि केंद्रपाड़ा जिले की पाटकुरा सीट से विधायक अरविंद महापात्र और क्योंझर जिले की चंपुआ सीट से विधायक सनातन महाकुड़ को तुरंत प्रभाव से पार्टी से निलंबित किया गया है। इस निलंबन की जानकारी विधानसभा के स्पीकर को भी भेज दी गई है।
विधायकों का निलंबन और पार्टी का रुख
पार्टी प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने अपने बयान में कहा, “नवीन पटनायक भ्रष्ट गद्दारों को कभी भी बर्दाश्त नहीं करते। दोनों विधायकों ने पार्टी के संविधान और दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया है। राज्यभर के कार्यकर्ताओं ने इस निर्णय का समर्थन किया है।”
अरविंद महापात्र ने इस कार्रवाई पर हैरानी जताई है। उन्होंने कहा, “मुझे सोशल मीडिया से अपने निलंबन की जानकारी मिली है। मैं अभी तक यह नहीं समझ पाया हूं कि मुझ पर क्या आरोप हैं। यदि आवश्यक हुआ, तो मैं नवीन पटनायक से मिलकर अपना पक्ष रखूंगा।”
पारिवारिक और राजनीतिक विवाद की पृष्ठभूमि
अरविंद महापात्र दिग्गज नेता विजय महापात्र के पुत्र हैं, जो नवीन पटनायक के पुराने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे हैं। कयास लगाए जा रहे थे कि पारिवारिक विवाद के कारण यह कार्रवाई हुई, लेकिन अरविंद ने इनकार किया है। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने कभी उनके काम में हस्तक्षेप नहीं किया।
वहीं, सनातन महाकुड़ ने कहा कि उन्हें इस फैसले से कोई आश्चर्य नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि वे पिछले कुछ समय से बीजेडी की पिछली सरकार की आलोचना कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि 24 साल के शासन में क्योंझर जिले की अनदेखी की गई। साथ ही, उन्होंने भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के विकास कार्यों की प्रशंसा भी की।
राज्यसभा चुनाव से पहले की इस राजनीतिक हलचल में, ओडिशा की 147 सदस्यीय विधानसभा में बीजेडी के पास वर्तमान में 50 विधायक हैं। यह कदम अप्रैल में होने वाले राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले आया है, जिसमें पार्टी को कम से कम एक सीट मिलने की उम्मीद है। हालांकि, विधायकों के निलंबन से पार्टी के अंदर आंतरिक कलह भी उजागर हुई है। वर्तमान में सत्ताधारी भाजपा के पास 79 विधायक हैं।











