ओडिशा के भद्रक में भीड़ द्वारा न्याय का दंश
ओडिशा के भद्रक जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसमें भीड़ ने एक बुजुर्ग के साथ न केवल अमानवीय व्यवहार किया, बल्कि उसकी बेटी को भी सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। यह मामला चांदबाली ब्लॉक के बंसदा थाना क्षेत्र के चडादिया पंचायत का है, जहां एक बुजुर्ग ने भीड़ की हिंसा और सामाजिक अत्याचार से आहत होकर आत्महत्या कर ली।
गांव में कंगारू कोर्ट और अवैध शराब का मामला
मृतक की बेटी लक्ष्मीप्रिया परिडा पर अवैध शराब कारोबार का आरोप था, जिसे गांव के कुछ युवकों और महिलाओं ने जबरन घर से उठा लिया। परिवार का आरोप है कि भीड़ ने बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के उनके घर में तोड़फोड़ की और घरेलू सामान नष्ट कर दिया। इसके बाद, गांव में एक तरह का कंगारू कोर्ट लगाया गया, जिसमें लक्ष्मीप्रिया को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया और लम्बोदर तराई को भी बुलाकर उनके सामने बेइज्जत किया गया।
मामले की जांच और परिवार का दर्द
परिवार का आरोप है कि पंचायत या समाज के ठेकेदार कहे जाने वाले लोगों ने उन पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जब परिवार इतनी बड़ी रकम नहीं दे सका, तो भीड़ ने जबरन दस हजार रुपये नकद वसूल किए। इस घटना से आहत होकर लम्बोदर तराई ने जहर खा लिया, जिससे उनकी मौत हो गई। लक्ष्मीप्रिया ने बताया कि वह पहले अवैध शराब के कारोबार से जुड़ी थी, लेकिन पुलिस को लिखित आश्वासन देकर उसने यह काम छोड़ दिया था। बावजूद इसके, भीड़ ने उसकी बात नहीं सुनी और हमला कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जिसमें दस लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।











