महाराष्ट्र में महिला डॉक्टर की संदिग्ध मौत का मामला
महाराष्ट्र के सतारा जिले में एक महिला डॉक्टर ने हाल ही में अपनी जान दे दी है, जिसकी जांच अभी जारी है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। महिला डॉक्टर की मौत के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस और संबंधित एजेंसियां सक्रिय हैं।
डॉक्टर की मौत के पीछे का घटनाक्रम और आरोप
महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकनकर ने बताया कि मृतक महिला डॉक्टर दिवाली के दौरान आरोपी प्रशांत बनकर के घर गई थी। वहां उनके बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद वह घर छोड़कर चली गई। इस बहस के बाद महिला डॉक्टर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस ने निलंबित पुलिस उप-निरीक्षक गोपाल बदाने को बलात्कार और मानसिक उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया है। बीड जिले की रहने वाली इस डॉक्टर को गुरुवार रात फलटण के एक हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका पाया गया। अपने सुसाइड नोट में उसने आरोप लगाया कि पीएसआई बदाने ने उसके साथ कई बार बलात्कार किया, और प्रशांत बनकर ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
मामले की जांच और परिजनों की मांग
रूपाली चाकनकर ने कहा कि मृतक और आरोपियों के कॉल रिकॉर्ड से पता चलता है कि मार्च तक महिला डॉक्टर का संपर्क पीएसआई बदाने से था, लेकिन उसके बाद दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई। उन्होंने यह भी बताया कि बनकर के साथ उसकी बातचीत का सीडीआर भी मौजूद है। लक्ष्मी पूजन के दिन महिला डॉक्टर बनकर के घर पर थी, और तस्वीरें खींचने को लेकर दोनों के बीच बहस हुई, जिसके बाद वह घर छोड़कर चली गई।
मृतक ने अपने संदेशों में संकेत दिया था कि वह कोई बड़ा कदम उठाने वाली है। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि यह आत्महत्या का मामला है। महिला आयोग की अध्यक्ष ने यह भी कहा कि पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं इस मामले में कोई और भी शामिल था।
परिजनों की मांग और पुलिस की भूमिका
महिला डॉक्टर के परिवार ने सोमवार को सरकार से आग्रह किया कि इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इस केस को बीड की फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाना चाहिए। एक महिला रिश्तेदार ने कहा, “हमें उम्मीद है कि जल्द ही SIT का गठन होगा और हम अपने बयान दर्ज कराएंगे।” साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि मेडिकल जांच के दौरान आरोपियों को अजीब समय पर लाया गया और डॉक्टरों ने सहयोग नहीं किया।
पुलिस अधीक्षक तुषार दोशी ने पुष्टि की कि घटना से पहले महिला डॉक्टर और पीएसआई बदाने के बीच संदेशों का आदान-प्रदान हुआ था। बलात्कार के आरोपों की भी जांच चल रही है, और दोनों के ठिकानों तथा चैट की भी जांच की जा रही है।
परिजनों ने यह भी कहा कि मामले की निष्पक्षता के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन जरूरी है, ताकि आरोपों की सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने यह भी मांग की कि इस केस को बीड की फास्ट ट्रैक कोर्ट में ही सुना जाए।











