मुंबई में बंधक संकट का खुलासा: पहली बार बच्चा कैमरे पर आया
मुंबई के पवई स्थित आर.ए. स्टूडियो में 30 अक्टूबर को हुए बंधक कांड ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। इस घटना में पहली बार एक बच्चे को कैमरे पर देखा गया, जो कई घंटों तक आरोपी रोहित आर्या की गिरफ्त में रहा। यह मामला इतना जटिल और खतरनाक था कि आरोपी ने 17 बच्चों को बंधक बनाकर पूरे स्टूडियो को आतंकित कर दिया।
आरोपी की शातिर योजना और वेब सीरीज का झांसा
रोहित आर्या ने अपने अपराध को छुपाने के लिए एक वेब सीरीज की शूटिंग का बहाना बनाया। उसने एक मराठी अभिनेत्री को फोन कर शूटिंग के लिए बुलाया और कहा कि वह किडनैपिंग पर आधारित एक वेब सीरीज बना रहा है। उसकी कहानी और स्टोरीलाइन भी घटनाओं के साथ मेल खाती थी, जो उसने अपनी वेब सीरीज के लिए सुनाई थी। इस तरह उसने अपने शातिर इरादों को छुपाने की कोशिश की।
बच्चों और बुजुर्ग महिला का भयावह अनुभव
बंधक बनाये गए बच्चों के साथ-साथ एक बुजुर्ग महिला भी स्टूडियो में फंसी थीं। महिला ने मीडिया को बताया कि वह कोल्हापुर से आई थीं और चार दिनों से चल रही शूटिंग के दौरान वह भयभीत थीं। उन्होंने बताया कि आरोपी ने बच्चों को बार-बार गन दिखाकर डराया और स्टूडियो के अंदर लॉक कर दिया। उसने सीसीटीवी बंद कर लाइटें लगा दी थीं, ताकि पुलिस की नजर से बच सके।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपी का अंत
आरोपी ने अपने खतरनाक प्लान को अंजाम देने के लिए स्टूडियो की खिड़कियों और दरवाजों पर मोशन सेंसर लगाए थे। पुलिस ने जब ऑपरेशन चलाया, तो आरोपी रोहित आर्या को गोली लगी और वह मारा गया। पुलिस ने उसकी योजनाओं का पता लगाने के लिए सेंसर को डीएक्टिवेट किया। इस घटना में आरोपी का मकसद और उसकी योजना अभी भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई जारी है।











