महाराष्ट्र में बाल यौन शोषण का खौफनाक मामला सामने आया
महाराष्ट्र के नवी मुंबई में एक चौंकाने वाली घटना प्रकाश में आई है, जिसमें एक महिला ने अपनी दस वर्षीय बेटी को पैसे के लालच में एक बुजुर्ग एनआरआई के पास भेज दिया। इस जघन्य अपराध का खुलासा तब हुआ जब नवी मुंबई पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) को सूचना मिली। इसके बाद टीम ने तत्परता दिखाते हुए नाबालिग बच्ची को सेक्स रैकेट के जाल से मुक्त कराया। इस मामले में पुलिस ने बच्ची की मां और आरोपी बुजुर्ग को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
यह कार्रवाई 30 अक्टूबर को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के वरिष्ठ निरीक्षक पृथ्वीराज घोरपड़े को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। पुलिस को पता चला कि खारघर के कोपरगांव क्षेत्र में रहने वाली महिला अपनी बेटी को तलोजा फेज 2 में एक व्यक्ति के पास भेज रही है। इस सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए तलोजा में छापेमारी की गई और बच्ची को सुरक्षित बचा लिया गया। इस दौरान 70 वर्षीय फारूक अल्लाउद्दीन शेख को गिरफ्तार किया गया, जो मूल रूप से लंदन का निवासी है। आरोपी ने न केवल नाबालिग लड़की का यौन शोषण किया, बल्कि उसे शराब भी पिलाई।
मामले की जड़ें और पुलिस की जांच
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि बच्ची की मां इस अपराध में शामिल थी। उसने अपनी बेटी को देह व्यापार के लिए शेख के पास भेजा और इसके बदले में 2.5 लाख रुपये और मासिक भुगतान लिया। इस जघन्य अपराध के लिए पुलिस ने बच्ची की मां को भी गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC), बाल यौन शोषण संरक्षण अधिनियम (POCSO) और अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। तलोजा पुलिस ने दोनों को 4 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस की टीम इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि इस रैकेट से जुड़े अन्य संदिग्ध व्यक्तियों का भी पता लगाया जा सके।











