भाई जगताप का स्पष्ट बयान: कांग्रेस स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी
पूर्व मुंबई कांग्रेस प्रमुख भाई जगताप ने साफ शब्दों में कहा है कि आगामी मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनावों में कांग्रेस किसी भी राजनीतिक गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगी। न तो राज ठाकरे की पार्टी के साथ, और न ही उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के साथ, कांग्रेस अपने दम पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। यह घोषणा महाराष्ट्र में पार्टी की स्वतंत्रता और अपनी राजनीतिक ताकत को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
शिवसेना (UBT) का जवाब: हम अकेले भी लड़ने को तैयार हैं
शिवसेना (UBT) के नेता आनंद दुबे ने कांग्रेस के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और उद्धव ठाकरे मिलकर गठबंधन का निर्णय लेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिवसेना अपने दम पर भी चुनाव लड़ने में सक्षम है। दुबे ने कहा, “पिछले चुनाव में हमने अकेले ही चुनाव लड़ा था और बीजेपी को हराया था। हम अपने सहयोगियों का सम्मान करते हैं, लेकिन यदि जरूरत पड़ी तो हम अकेले भी चुनाव लड़ने को तैयार हैं।”
विपक्षी गठबंधन का आरोप और चुनावी माहौल
इस बीच, विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) ने मुंबई में चुनाव प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और फर्जी प्रविष्टियों का आरोप लगाते हुए 1 नवंबर को चुनाव आयोग कार्यालय के सामने विरोध मार्च का ऐलान किया है। यह प्रदर्शन शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने एनसीपी (शरद पवार गुट), कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत और माकपा नेता प्रकाश रेड्डी के साथ मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। माना जा रहा है कि ठाकरे परिवार मुंबई के सबसे अमीर नगर निकाय, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के चुनाव से पहले राजनीतिक सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं।











