अमित शाह के बयान पर मुख्यमंत्री का जवाब
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अमित शाह के “बैसाखी नहीं” वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “दोस्त बैसाखी नहीं होते।” उन्होंने महिला डॉक्टर की आत्महत्या के मामले में राजनीति करने वालों की आलोचना की और मतदाता सूची को लेकर विपक्ष के आरोपों को “हार से पहले की कवर फायरिंग” करार दिया।
राजनीतिक विवाद और विपक्ष की प्रतिक्रिया
फडणवीस ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए फालतन (सतारा) में महिला डॉक्टर की आत्महत्या को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “जो लोग ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करते हैं, वे दुर्भाग्यपूर्ण हैं। दोषी कोई भी हो, उसे छोड़ा नहीं जाएगा।” साथ ही, उन्होंने मतदाता सूची पर उठे सवालों का भी करारा जवाब दिया।
मतदाता सूची और चुनावी मुद्दे
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के मतदाता सूची पर सवाल उठाने को चुनावी हार से पहले की “कवर फायरिंग” बताया। उन्होंने कहा, “हमने भी डुप्लिकेट वोटर लिस्ट का मुद्दा उठाया था, लेकिन विपक्ष अपने आरोपों का सबूत नहीं दे पाया।” यह बयान चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पुणे में जैन ट्रस्ट की जमीन का विवाद
पुणे के मॉडल कॉलोनी इलाके में जैन ट्रस्ट की जमीन की बिक्री को लेकर मचे विवाद पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मामला पूरी तरह से निजी बिल्डर और जैन समुदाय के बीच का है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने समुदाय की इच्छा के अनुसार ही निर्णय लिया है। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय चुनावों को ध्यान में रखते हुए पुणे के सांसद और केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोळ का नाम इस मामले में अनावश्यक रूप से घसीटा जा रहा है।
जमीन की बिक्री और विरोध
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुणे के मॉडल कॉलोनी में लगभग 3.5 एकड़ जमीन, जिस पर जैन बोर्डिंग सुविधा है, को गोखले कंस्ट्रक्शंस ने ट्रस्ट से खरीदा है। इस सौदे का विरोध छात्रों, पूर्व छात्रों, धार्मिक नेताओं और समुदाय के सदस्यों ने किया था। मुख्यमंत्री ने इस विवाद को निजी मामला बताते हुए कहा कि सरकार का इस पर कोई हस्तक्षेप नहीं है।











