महाराष्ट्र में निकाय चुनाव की तिथि जल्द तय होने की संभावना
महाराष्ट्र में लंबे समय से स्थगित पड़े स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर अब सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग संभवतः 5 या 6 नवंबर को इस संबंध में आधिकारिक घोषणा कर सकता है। इन चुनावों का आयोजन तीन चरणों में किया जाएगा, और इस बार किसी भी तरह की देरी की आशंका नहीं है।
पिछले कई महीनों से इन चुनावों को टालने के पीछे मतदाता सूची में गड़बड़ी जैसे आरोप प्रमुख थे, जिनके कारण चुनाव स्थगित किए गए थे। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही राज्य चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि चुनाव 31 जनवरी 2026 से पहले कराए जाएं। इस आदेश के बाद चुनाव आयोग पर दबाव बढ़ गया था कि वह चुनावों को स्थगित न करें। अब आयोग नवंबर के पहले सप्ताह में औपचारिक घोषणा करने की तैयारी में है।
महाराष्ट्र में चुनाव प्रक्रिया और चुनावी माहौल
महाराष्ट्र में कुल 685 स्थानीय निकायों में चुनाव होने हैं, जिनमें 29 नगर निगम, 32 जिला परिषदें, 42 नगर पंचायतें, 248 नगर परिषदें और 336 पंचायत समितियां शामिल हैं। इन चुनावों का मतलब है कि राज्य के लगभग हर जिले में राजनीतिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिलेगी।
वहीं, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के चुनाव में प्रमुख राजनीतिक दल गठबंधन के साथ मैदान में उतरेंगे। बीजेपी, शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) और एनसीपी मिलकर चुनाव लड़ेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुंबई का नगर निगम महाराष्ट्र की राजनीति में अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह न केवल राज्य की राजधानी का प्रतीक है, बल्कि इसके परिणाम आगामी विधानसभा चुनाव की दिशा भी तय कर सकते हैं।
राजनीतिक दलों की रणनीति और चुनाव का महत्व
महाराष्ट्र में होने वाले इन चुनावों का राजनीतिक महत्व बहुत अधिक है, क्योंकि यह राज्य की सत्ता और सत्ता के समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। चुनाव आयोग की ताजा योजना के अनुसार, इन चुनावों का समय पर आयोजन सुनिश्चित करने के लिए सभी दल तैयारियों में जुट गए हैं। यह चुनाव न केवल स्थानीय प्रशासन के लिए बल्कि राज्य की राजनीतिक स्थिरता के लिए भी अहम हैं।











