बच्चू कडू का किसान आंदोलन में प्रभावशाली नेतृत्व
महाराष्ट्र के प्रमुख किसान नेता बच्चू कडू ने हाल ही में अपने आंदोलन के दौरान उठाए गए कदमों और सरकार के साथ हुई बातचीत का जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि उनके नेतृत्व में शुरू हुआ किसान आंदोलन फिर से जीवंत हो गया है, खासकर जब कर्ज माफी का मुद्दा फिर से चर्चा में आया है। कडू ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ लोग उनके प्रबंधन को लेकर गलतफहमी फैला रहे हैं, जिन्हें उन्हें शर्मिंदा होना चाहिए।
आलोचनाओं का सामना और सोशल मीडिया पर कार्रवाई
बच्चू कडू ने अपने समर्थन में कहा कि वे किसी भी दबाव में नहीं आए हैं और सोशल मीडिया पर ट्रोलर्स को चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने भाजपा पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह पार्टी किसान आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। कडू ने जनता से अपील की कि आगामी चुनावों में भाजपा को वोट न दें और किसानों के साथ खड़े रहकर आंदोलन को मजबूत बनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन में शामिल होकर ही किसानों का समर्थन किया जा सकता है, न कि पीठ में छुरा घोंपने वाले लोगों के साथ।
किसान आंदोलन की शुरुआत और सरकार की प्रतिक्रिया
27 अक्टूबर को अमरावती जिले के चंदुरबाजार से शुरू हुआ किसान आंदोलन तेजी से फैल गया। नागपुर में ट्रैक्टर रैली के दौरान हजारों किसानों ने सरकार से कर्जमाफी, फसल नुकसान की भरपाई और सूखा-बाढ़ राहत के पुराने मानकों को फिर से लागू करने की मांग की। इस दबाव के चलते मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बच्चू कडू से फोन पर बात की और 30 जून 2026 तक कर्जमाफी की घोषणा की। इसके बाद कडू ने किसानों से आंदोलन स्थगित करने का आग्रह किया। महाराष्ट्र सरकार ने भी पात्र किसानों के सर्वे के लिए नौ सदस्यीय समिति का गठन किया है, जो अप्रैल 2026 तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।











