मध्य प्रदेश में शहरीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाएं तेज
मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि वर्ष 2047 तक राज्य की लगभग आधी आबादी शहरी क्षेत्रों में बस जाएगी। इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए नई योजनाएं तैयार कर ली हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य शहरों का विकास करना और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है।
शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
स्वच्छता के क्षेत्र में मध्य प्रदेश ने देश में एक विशिष्ट स्थान बनाया है। नगरीय प्रशासन विभाग का प्रयास है कि शहरी इलाकों की वायु गुणवत्ता में सुधार हो। इसके तहत भोपाल में पार्क और बगीचे विकसित किए जाएंगे। साथ ही, विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि शहरों का प्रदूषित पानी नर्मदा नदी में न जाए, ताकि पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिले।
मेट्रो परियोजनाओं और डिजिटल सेवाओं का विस्तार
मंत्री ने बताया कि इंदौर-उज्जैन और भोपाल मेट्रोपॉलिटन शहरों के विकास पर काम शुरू हो चुका है। इन दोनों महानगरों को इस तरह विकसित किया जाएगा कि वहां सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों। निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के साथ ही, शहरी क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। ई-नगरपालिका जैसी पहल से नागरिकों को ऑनलाइन सेवाएं मिलेंगी, और शहरों को ग्रीन सिटी बनाने के प्रयास जारी हैं।











