उज्जैन में युवकों की आत्महत्या और पुलिस विवाद
मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में सोशल मीडिया पर पुलिस को अपशब्द कहने और चुनौती देने वाले युवकों में से एक अभिषेक चौहान ने बुधवार सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद परिजनों ने नाराजगी जताते हुए शव को चिमनगंज मंडी चौराहे पर रखकर नारेबाजी की और चक्काजाम कर दिया। परिजनों और अभिषेक के साथी ने पुलिस पर रिश्वत की मांग और प्रताड़ना का आरोप लगाया है। पुलिस अधिकारी इस मामले में परिजनों के बयान के आधार पर जांच कर रहे हैं।
पुलिस कार्रवाई और युवकों की गिरफ्तारी
यह मामला दो दिन पहले की पुलिस कार्रवाई से जुड़ा है। विराटनगर निवासी अभिषेक चौहान ने अपने मित्र विक्की राठौर के साथ इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें वह पुलिस को अपशब्द कह रहा था और चुनौती दे रहा था कि यदि पुलिस उसे जेल भेजेगी, तो उसका पिता उसे छुड़ा लेगा। वीडियो वायरल होने के बाद क्राइम ब्रांच ने सोमवार शाम दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने दोनों को माफी मंगवाकर वीडियो भी बनवाया था। मंगलवार को दोनों को जमानत पर रिहा किया गया, लेकिन बुधवार सुबह अभिषेक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
परिजनों का आरोप और पुलिस की जांच
अभिषेक की मौत के बाद परिजनों ने चिमनगंज मंडी थाने की पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने उनसे एक-एक लाख रुपये की मांग की थी। अभिषेक का व्यवसाय सरिया सेंटिंग का था और वह तीन बहनों का इकलौता भाई था। पुलिस का कहना है कि परिजनों के बयानों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।











