उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में आस्था को ठेस पहुंचाने वाला फर्जी वीडियो वायरल
मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में एक गंभीर घटना प्रकाश में आई है, जिसमें आस्था और धार्मिक मर्यादाओं का उल्लंघन किया गया है। सोशल मीडिया पर एक अज्ञात यूजर ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का इस्तेमाल कर एक भ्रामक और आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट किया है, जो तेजी से फैल रहा है। इस वीडियो में दिखाया गया है कि मंदिर के गर्भ गृह और परिसर का नकली दृश्य प्रस्तुत किया गया है।
फर्जी वीडियो में दिखाए गए भड़काऊ दृश्य
वीडियो में एक कार्टून चरित्र डोरेमॉन को महाकाल दर्शन करते हुए दिखाया गया है, जिसमें AI तकनीक का प्रयोग कर मंदिर के गर्भ गृह का नकली चित्रण किया गया है। इसमें एक सुरक्षाकर्मी को जूते पहने हुए दिखाया गया है, और उसे यह कहते हुए दर्शाया गया है कि “यहां अंदर जाने के लिए गैजेट नहीं, वीआईपी पास जरूरी है।” साथ ही, वीडियो में एक स्टॉल भी दिखाया गया है, जहां डोरेमॉन को पास खरीदने के बाद गर्भ गृह में दर्शन करने और नाचते हुए दिखाया गया है।
मंदिर प्रबंधन का कड़ा रुख और जांच
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, महाकाल मंदिर प्रबंधन ने तुरंत ही कार्रवाई शुरू कर दी। मंदिर समिति ने इसे धार्मिक आस्था का अपमान और मर्यादा का उल्लंघन माना है। उन्होंने महाकाल थाना पुलिस को पत्र लिखकर इस वीडियो को बनाने और वायरल करने वाले के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है। मंदिर के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह वीडियो करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करने वाला है और इसे AI तकनीक से तैयार किया गया है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पाया है कि यह वीडियो पूरी तरह से कृत्रिम बुद्धिमत्ता से निर्मित है। मंदिर समिति ने कहा है कि इस तरह का कृत्य धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने के तहत अपराध माना जाएगा और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










