उज्जैन के बड़नगर में बोरवेल हादसे का दुखद अंत
उज्जैन जिले के बड़नगर के झालरिया गांव से शुक्रवार शाम एक दिल दहलाने वाली खबर सामने आई। गुरुवार रात आठ बजे के आसपास बोरवेल में फंसे दो साल के बच्चे भागीरथ देवासी का शव रेस्क्यू टीम ने बाहर निकाला। इस जटिल और लंबी प्रक्रिया के बाद जब बच्चे का शव बाहर आया, तो हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
बच्चे के बोरवेल में गिरने का पूरा घटनाक्रम
यह घटना गुरुवार रात की है जब भागीरथ खेलते समय अनजाने में खुले पड़े बोरवेल में गिर गया। बच्चा लगभग 70 फीट गहरे बोरवेल में फंस गया था। सूचना मिलते ही भोपाल से NDRF (National Disaster Response Force) के साथ ही हरदा, इंदौर और उज्जैन की एसडीईआरएफ (State Disaster Emergency Response Force) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। रेस्क्यू टीम ने सबसे पहले बोरवेल के अंदर ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित की ताकि बच्चे को सांस लेने में कोई परेशानी न हो।
रिस्क्यू ऑपरेशन और अंत में दुखद परिणाम
रेस्क्यू के दौरान टीम ने बच्चे के हाथों में ‘रेस्क्यू रोप रिंग’ फंसाकर उसे ऊपर खींचने का प्रयास किया। शुरुआत में वह 30 फीट ऊपर आ गया, लेकिन फिर 40 फीट की गहराई पर जाकर फंस गया। इसके बाद प्रशासन ने पोकलेन मशीनों की मदद से समानांतर गड्ढा और सुरंग बनाने का प्रयास किया, लेकिन समय की कमी और तकनीकी बाधाओं के कारण बच्चे को जीवित नहीं बचाया जा सका।
रेस्क्यू के दौरान बच्चे के माता-पिता का बुरा हाल था। वे बार-बार बोरवेल की ओर देख रहे थे, उम्मीद कर रहे थे कि उनका लाडला सुरक्षित बाहर आएगा। जैसे ही बच्चे का शव निकाला गया, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। शव का पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया है।










