गुना जिले में खाद संकट और महिला की मौत पर गंभीर सवाल
गुना (Guna) जिले के बमोरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बागेरी में खाद लेने आई एक आदिवासी महिला की मौत ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतका का नाम भूरियाबाई (Bhuriabai) था, जिसकी उम्र लगभग 50 वर्ष बताई गई है। परिजनों का आरोप है कि वह पिछले दो दिनों से खाद की कतार में खड़ी थी। वर्तमान में किसान खाद की भारी कमी से जूझ रहे हैं और वितरण केंद्रों पर लंबी लाइनों का सामना कर रहे हैं।
खाद न मिलने से महिला की मौत, प्रशासनिक लापरवाही का मामला
मंगलवार को भूरियाबाई यूरिया (Urea) लेने बागेरी खाद वितरण केंद्र पहुंची थी, लेकिन वहां उसे खाद नहीं मिली। बुधवार को भी खाद का अभाव रहा। लगातार दो दिनों तक इंतजार करने के बाद जब बुधवार रात भी खाद नहीं मिली, तो वह कड़ाके की सर्दी में केंद्र के बाहर ही सो गई। इसी दौरान उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन और आसपास के लोग तुरंत एंबुलेंस (Ambulance) को बुलाने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर कोई सहायता नहीं पहुंची। मजबूरन एक किसान ने अपने निजी वाहन से उसे बमोरी स्वास्थ्य केंद्र (Bamori Health Center) पहुंचाया, जहां उसकी हालत और बिगड़ने पर उसे गुना (Guna) रेफर किया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। महिला कुसेपुर (Kusepur) गांव की निवासी थी।
प्रशासन और राजनीतिक हस्तियों का रवैया, महिला की मौत के बाद हड़कंप
परिजनों का कहना है कि गरीब किसानों की मदद के लिए कोई भी आगे नहीं आ रहा है। उनका आरोप है कि यदि समय पर एंबुलेंस उपलब्ध होती, तो शायद महिला की जान बच जाती। घटना के समय केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) का दौरा क्षेत्र में चल रहा था। महिला किसान की मौत की खबर सुनते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। सिंधिया ने प्रशासन को पीड़ित परिवार की मदद करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन खाद की किल्लत पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
जिला प्रशासन भी इस घटना के बाद बैकफुट पर नजर आया। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने बताया कि महिला को शुगर की समस्या थी, जिसके कारण उसकी मौत हुई। उन्होंने कहा कि देर रात एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। साथ ही, उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे खाद वितरण केंद्रों पर रात में न रुकें। कलेक्टर ने दावा किया कि जिले में खाद की पर्याप्त आपूर्ति है और सुबह-शाम टोकन बांटे जा रहे हैं।
स्थानीय किसानों का कहना है कि खाद की कमी और वितरण में अनियमितता के कारण उन्हें दिन-रात जागरूक रहना पड़ रहा है। कई किसानों ने आरोप लगाया कि बागेरी केंद्र पर 274 रुपये का खाद का बैग ब्लैक में 400 रुपये तक में बेचा जा रहा है। यह वही केंद्र है, जहां महिला की मौत हुई। घटना वाली रात यहां कांग्रेस (Congress) के विधायक ऋषि अग्रवाल (Rishi Aggarwal) भोजन के पैकेट बांटने पहुंचे थे, लेकिन देर रात तीन बजे महिला की मौत हो गई। इस घटना ने खाद वितरण व्यवस्था, एंबुलेंस की उपलब्धता और प्रशासन की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।











