मध्य प्रदेश के शाजापुर में जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा का अनूठा प्रयास
शाजापुर जिले में किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से सुरक्षित रखने के लिए एक ऐतिहासिक और अभिनव अभियान शुरू किया गया है। इस पहल के तहत दक्षिण अफ्रीका (South Africa) की विशेषज्ञ टीम की मदद से 45 काले हिरण (Krishna Mrig) को पकड़ा गया और उन्हें गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य (Gandhi Sagar Wildlife Sanctuary) में छोड़ा गया। यह अभियान जिले के इमलीखेड़ा गांव में आयोजित किया गया, जहां हेलीकॉप्टर और बोमा तकनीक का इस्तेमाल कर इन जंगली जानवरों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने का प्रयास किया गया।
बिना किसी पशु हानि के हिरणों का सुरक्षित स्थानांतरण
शाजापुर के कलेक्टर रिजु बाफना ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका की टीम और वन विभाग की संयुक्त कोशिशों से इन काले हिरणों को हेलीकॉप्टर की मदद से पकड़ा गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस ऑपरेशन में किसी भी जानवर को नुकसान नहीं पहुंचा है। इस प्रक्रिया में बोमा तकनीक का प्रयोग किया गया, जो जानवरों को शांतिपूर्ण तरीके से पकड़ने के लिए जानी जाती है। इस तरह का यह पहला प्रयास है जब मध्य प्रदेश के खेतों से इन जंगली जानवरों को इस तकनीक की मदद से पकड़कर जंगल में छोड़ा गया है।
बोमा तकनीक और इसकी विशेषताएं
बोमा तकनीक दक्षिण अफ्रीका (South Africa) की एक प्रसिद्ध विधि है, जिसमें हेलीकॉप्टर का उपयोग कर जानवरों को झुंड में एक बाड़े (पेन) में खदेड़कर पकड़ लिया जाता है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य जिले में लंबे समय से चली आ रही फसलों को नुकसान पहुंचाने वाली जंगली जानवरों की समस्या का समाधान करना है। वन विभाग ने इस पहल का वीडियो साझा करते हुए इसे ‘वन्यजीवों के संतुलन की दिशा में ऐतिहासिक कार्य’ बताया है। यह कदम न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि किसानों को भी राहत प्रदान करता है।











