मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में प्रेम विवाह पर सामाजिक बहिष्कार का मामला
रतलाम जिले के एक गांव में प्रेम विवाह करने वाले जोड़ों और उनके परिवारों के खिलाफ सामाजिक बहिष्कार का फरमान जारी होने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। इस अजीबोगरीब फरमान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए छह ग्रामीणों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून से ऊपर कोई सामाजिक तानाशाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
गांव में प्रेम विवाह पर प्रतिबंध और वायरल वीडियो का प्रभाव
यह मामला रतलाम के पांचेवा गांव का है, जो जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित है। 23 जनवरी को गांव के कुछ लोगों ने ऐलान किया कि जो युवक-युवतियां घर से भागकर प्रेम विवाह करेंगी, उनका और उनके परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। इतना ही नहीं, ऐसे लोगों की मदद करने वालों को भी इसी सजा का सामना करना पड़ेगा।
इस फरमान से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसमें एक व्यक्ति गांव के लोगों के सामने यह घोषणा करता दिख रहा है कि प्रेम विवाह करने वालों को किसी भी सामाजिक कार्यक्रम में नहीं बुलाया जाएगा, उन्हें रोजगार नहीं दिया जाएगा और यहां तक कि दूध और दैनिक आवश्यकताओं की आपूर्ति भी बंद कर दी जाएगी।
पुलिस की कार्रवाई और सामाजिक जागरूकता अभियान
वीडियो के वायरल होने के तुरंत बाद पुलिस प्रशासन ने सक्रियता दिखाई। रतलाम के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि वीडियो के आधार पर गांव के छह व्यक्तियों को ‘बाउंड ओवर’ किया गया है, यानी उन्हें कानून के तहत शांति बनाए रखने और भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने का निर्देश दिया गया है।
साथ ही, न्याय विभाग के सहयोग से गांव में संवाद कार्यक्रम चलाया जा रहा है, ताकि लोगों को कानून, संविधान और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के महत्व के बारे में जागरूक किया जा सके। अधिकारीयों का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी। प्रशासन का मानना है कि किसी भी नागरिक के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।











