सीधी जिले में अनोखी सड़क निर्माण योजना का मामला
मध्य प्रदेश के सीधी जिले से एक असामान्य सड़क निर्माण का मामला सामने आया है, जिसमें एक सड़क के बीच में ही शासकीय हैंडपंप को बिना हटाए छोड़ दिया गया है। यह घटना डोल कोठार गांव की है, जहां लगभग 40 लाख रुपये की लागत से 600 मीटर लंबी पीसीसी सड़क का निर्माण किया गया था। इस सड़क को बैगा बस्ती से जोड़ने के उद्देश्य से बनाया गया था, लेकिन निर्माण के दौरान एक हैंडपंप रास्ते में आ गया। आमतौर पर ऐसी स्थिति में हैंडपंप को स्थानांतरित किया जाता है, लेकिन यहां ठेकेदार और इंजीनियरों ने इसे सड़क के बीच में ही छोड़ने का फैसला किया।
सड़क और हैंडपंप का अनूठा संयोजन
सड़क का निर्माण ऊपर से किया गया, जबकि हैंडपंप को नीचे करने के लिए सीढ़ियां और खंभे बना दिए गए। अब ग्रामीण नीचे उतरकर पानी भरते हैं और फिर सड़क पर वापस आ जाते हैं। इस अनोखे जुगाड़ को सोशल मीडिया पर खूब देखा जा रहा है, जहां इसे ‘इंडियन इंजीनियरिंग’ का उदाहरण बताया जा रहा है। वहीं, कुछ लोग इस व्यवस्था की आलोचना भी कर रहे हैं, क्योंकि यह ग्रामीणों के लिए खतरे का कारण बन सकता है। खासतौर पर छोटे बच्चे और बुजुर्ग इस व्यवस्था में गिरने का खतरा महसूस कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों और प्रशासन की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे पहले से ही इस हैंडपंप का उपयोग कर रहे हैं, इसलिए कोई खास परेशानी नहीं है। लेकिन वे यह भी मानते हैं कि यह व्यवस्था सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने इस जुगाड़ को चर्चा का विषय बना दिया है, जहां कुछ लोग इसे ‘इंडियन इंजीनियरिंग’ का उदाहरण मान रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर सरकारी व्यवस्था की आलोचना भी हो रही है।
सीधी कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सड़क के गड्ढे को तुरंत ढकवाया जाएगा और हैंडपंप को जल्द ही सड़क के बाहर शिफ्ट किया जाएगा। साथ ही, इस अनोखे जुगाड़ की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।









