शिवपुरी कलेक्ट्रेट में दिव्यांग युवक का हंगामा और न्याय की मांग
शिवपुरी के कलेक्ट्रेट कार्यालय में उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई जब एक दिव्यांग युवक अपने अधिकारों के लिए अधिकारियों के सामने ही आक्रोशित हो गया। यह युवक पिछले दो वर्षों से ट्राई साइकिल पाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा था, लेकिन उसकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया। अंततः उसने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) से सीधे न्याय की गुहार लगाई। जब उसे हाथ से चलने वाली साइकिल का प्रस्ताव दिया गया, तो उसने इसे लेने से इनकार कर दिया।
दिव्यांग युवक की समस्या और सरकारी नियमों का विरोध
शहर के वार्ड नंबर-22 नीलगढ़ चौराहे के निवासी अशफाक खान का कहना है कि वह शारीरिक रूप से अक्षम है और हाथ से साइकिल चलाना उसके लिए बहुत कठिन है। उनका तर्क है कि यदि उसे बैटरी वाली साइकिल मिल जाए, तो वह छोटे-मोटे सामान बेचकर या अन्य रोजगार कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकेगा। पीड़ित का आरोप है कि उसे एक सामान्य साइकिल के लिए दो साल तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़े।
अधिकारियों का तर्क और युवक का हस्तक्षेप की अपील
मौके पर मौजूद महिला अधिकारी ने स्पष्ट किया कि विभाग के पास वर्तमान में बैटरी वाली साइकिल उपलब्ध नहीं है, और वही युवक को दी जा सकती है। अधिकारियों के अनुसार, बैटरी वाली साइकिल देने के लिए कुछ कठोर नियम और मानदंड निर्धारित हैं, जो अशफाक की मांग के अनुरूप नहीं हैं। इस स्थिति से नाराज अशफाक खान ने क्षेत्रीय सांसद और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से हस्तक्षेप की अपील की है। उसका कहना है कि सरकारी नियम गरीबों की मदद के लिए होने चाहिए, न कि उन्हें और लाचार बनाने के लिए।











