मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले के दूरस्थ इलाकों में संचालित सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही है। इन विद्यालयों में बच्चे न तो दूसरे विषयों में अच्छा प्रदर्शन कर पा रहे हैं और न ही हिंदी भाषा को सही ढंग से पढ़ने और लिखने में सक्षम हैं। इस स्थिति का एक उदाहरण उस समय देखने को मिला जब विजयपुर एसडीएम (SDM) ने गसवानी के माध्यमिक विद्यालय का अचानक निरीक्षण किया।
विद्यालय का निरीक्षण और बच्चों की हिंदी क्षमता पर सवाल
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने बच्चों से ‘सुमंत’ शब्द लिखवाने का प्रयास किया, लेकिन अधिकांश छात्र सही से हिंदी नहीं लिख सके। इस पर एसडीएम ने शाला प्रभारी से पूछा कि बच्चों को हिंदी क्यों नहीं सिखाई जा रही है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि बच्चे हिंदी लिखने में असमर्थ हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और शिक्षकों की लापरवाही
वायरल वीडियो में एसडीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए पूछा कि बच्चों को हिंदी कौन पढ़ाता है? बच्चे न तो सही से हिंदी लिख पा रहे हैं और न ही पढ़ने में सक्षम हैं। एसडीएम ने यह भी कहा कि बच्चों को पिछले एक साल से क्या पढ़ाया जा रहा है, यह सवाल भी उठता है। साथ ही, उन्होंने कहा कि शिक्षक मोबाइल पर व्यस्त रहते हैं और बच्चों को पढ़ाने में ध्यान नहीं देते। वीडियो में शाला प्रभारी का जवाब भी देखने को मिला, जो अनुशासन की मुद्रा के बजाय जेब में हाथ डालकर जवाब दे रहे थे।










