सागर जिले में आगजनी का मामला: परिवार की दो मौतें और युवती का जख्मी होना
मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें नरयावली थाना क्षेत्र के चांदा मऊ गांव में आग लगने से एक ही परिवार के दो सगे भाइयों की जलकर मौत हो गई। इस हादसे में उनकी बहन गंभीर रूप से झुलस गई है और अस्पताल में भर्ती है। घटना के बाद युवती के होश में आने पर उसके बयान ने इस मामले को नया मोड़ दे दिया है, जिसमें गांव के ही फहीम नामक युवक पर आग लगाने का आरोप लगा है।
आग लगने का कारण और पुलिस की शुरुआती जांच
यह घटना चार और पांच दिसंबर की मध्यरात्रि की है, जब एक दलित परिवार का कच्चा घर अचानक आग की चपेट में आ गया। उस समय घर में मौजूद तीनों भाई-बहनों को गंभीर चोटें आईं। प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे सामान्य आगजनी का मामला मान रही थी। छह दिसंबर को 14 वर्षीय एक नाबालिग की मौत हो गई, और 14 दिसंबर को 16 वर्षीय दूसरे नाबालिग ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। तीसरी पीड़िता, 23 वर्षीय युवती, जब होश में आई तो उसने अपने बयान दर्ज कराए। उसने बताया कि घटना से पहले गांव के फहीम नामक युवक ने उसे फोन कर घर लौटने को कहा था। उस समय वह अपनी मां के साथ सागर में एक शादी में गई हुई थी। मां ने फोन सुनकर फहीम को बेटी से दूर रहने को कहा, जिसके बाद फहीम गुस्से में आ गया और घर में आग लगाने की धमकी दी। कुछ ही समय बाद घर में आग लग गई।
मामले की जांच और सामाजिक प्रतिक्रिया
उस दिन पिता खेत पर थे और घर में छोटे भाई-बहन मौजूद थे। आग लगने के बाद परिवार इतना भयभीत हो गया कि उन्होंने पुलिस को असली वजह नहीं बताई। नरयावली थाना प्रभारी कपिल लक्ष्य कार्य ने बताया कि पीड़िता के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, हिंदू संगठनों ने इस घटना को लव जिहाद से जोड़ते हुए आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे सागर में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।











