इंदौर के राजा रघुवंशी की हत्या का मामला शिलांग में चला
इंदौर के प्रसिद्ध ट्रांसपोर्ट व्यवसायी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले की सुनवाई शिलांग (Shilong) में हुई। इस जघन्य अपराध में मृतक राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने अपने बयान दर्ज कराए। इस दौरान मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Video Conferencing) के माध्यम से न्यायालय में पेश किया गया, जहां मजिस्ट्रेट ने विपिन से उसकी पहचान कराई।
सोनम रघुवंशी की पहचान और कोर्ट में गवाही
विपिन रघुवंशी ने कोर्ट में अपनी गवाही देते हुए वीडियो कॉल के जरिए पेश हुई सोनम की तस्वीर देखकर उसकी पहचान की और पुष्टि की कि वही आरोपी है। उन्होंने हत्याकांड से जुड़ी घटनाओं का विस्तृत ब्यौरा भी दिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि विपिन ने सोनम के हाव-भाव और चेहरे के भावों को लेकर कोर्ट को जानकारी दी।
आरोपी की मानसिक स्थिति और अगली कार्यवाही
जब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सोनम का चेहरा दिखाया गया, तो उसकी चेहरे पर कोई पछतावे या शिकन का संकेत नहीं था, यह विपिन रघुवंशी के बयान में सामने आया। यह बयान अभियोजन पक्ष के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे आरोपी की मानसिक स्थिति और घटना में उसकी संलिप्तता का पता चलता है। इससे पहले भी विपिन ने अपनी पूछताछ में राजा रघुवंशी की मौत से जुड़ी कई अहम जानकारियां साझा की थीं।
इस जाँच में आरोपी की पहचान और उसकी भूमिका का निर्धारण बेहद जरूरी माना जा रहा है। कोर्ट ने सभी पक्षों के बयान दर्ज करने के बाद अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी है। अभी भी विपिन के बयान दर्ज किए जाएंगे, और शिलांग पुलिस (Shilong Police) द्वारा संकलित सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
गौरतलब है कि इस मामले में सोनम और उसके प्रेमी राज कुशवाह (Raj Kushwaha) समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। सोनम के पति राजा मेघालय (Meghalaya) में हनीमून के दौरान 23 मई को लापता हो गए थे, जिनका क्षत-विक्षत शव 2 जून को पूर्वी खासी हिल्स (East Khasi Hills) जिले के चेरापूंजी (Cherrapunji) में एक झरने के पास गहरी खाई में मिला था।











