रायसेन जिले में पुल गिरने से हुई दर्दनाक घटना
रायसेन (Raisen) जिले में एक पुराना पुल अचानक ढह जाने से कई लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई है। यह हादसा बरेली-पिपरिया स्टेट हाइवे पर स्थित नयागांव के पुल के गिरने से हुआ, जो लगभग 50 वर्षों से उपयोग में था। इस पुल का निर्माण 1980 में लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा किया गया था, और वर्षों से यह क्षतिग्रस्त अवस्था में था।
मलबे में दबे पूर्व CRPF जवान की मौत, जांच जारी
हादसे के समय पुल के नीचे आठ मजदूर काम कर रहे थे, जिसमें से एक बाइक सवार पूर्व CRPF जवान देवेंद्र धाकड़ भी शामिल थे। वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उन्हें तुरंत भोपाल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस दुर्घटना में कुल दस लोग घायल हुए हैं, जिनमें चार युवक भी शामिल हैं। घायलों का उपचार बरेली सिविल अस्पताल में जारी है।
पुल की मरम्मत में हुई लापरवाही, जांच समिति गठित
पुल के गिरने के तुरंत बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए फील्ड स्टाफ मैनेजर एए खान को सस्पेंड कर दिया है, क्योंकि उनकी जिम्मेदारी पुल की देखरेख की थी। एडीबी योजना के तहत तैयार RAMS सॉफ्टवेयर के सर्वे में पहले ही यह पाया गया था कि पुल के स्लैब में जंग लगी है, एक्सपेंशन ज्वाइंट में कचरा है और प्रोटेक्शन वर्क खराब है। इन खामियों के आधार पर पुल की मरम्मत और पुनर्निर्माण का प्रस्ताव भी तैयार किया गया था, जिसके लिए 98 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई थी।
मध्य प्रदेश सड़क परिवहन निगम (MPRDC) पर आरोप है कि उसने क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर नया पुल बनाने के बजाय केवल सड़क का निर्माण किया और पुराने पुल के नीचे सेंटिंग लगाकर काम चलाया, जिससे यह हादसा हुआ। इस घटना की जांच के लिए चीफ इंजीनियर गोपाल सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जो सात दिनों में रिपोर्ट सौंपेगी।











