इंदौर में दूषित जल संकट और राहुल गांधी का दौरा
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में जल प्रदूषण का मुद्दा अब राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन चुका है। शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी यहां अस्पतालों में भर्ती मरीजों का हाल जानने और पीड़ित परिवारों से मिलकर अपनी संवेदना व्यक्त करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शहर में फैले जल संकट पर ध्यान केंद्रित किया।
भागीरथपुरा में उल्टी और दस्त की बीमारी का कहर
एक समाचार एजेंसी के अनुसार, भागीरथपुरा के निवासियों ने दावा किया है कि पिछले महीने इलाके में फैली उल्टी और दस्त की बीमारी से अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है। इस क्षेत्र में अभी भी 33 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं, सत्ताधारी बीजेपी पर आरोप लगाते हुए स्थानीय पटवारी ने कहा कि कई मौतों के बावजूद सरकार के मंत्री बड़े-बड़े कार्यक्रमों में व्यस्त हैं और विपक्ष को गालियां दे रहे हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और स्वास्थ्य रिपोर्ट
पटवारी ने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मौजूदगी में इस जल संकट पर चर्चा के लिए एक कॉन्फ्रेंस आयोजित करने की योजना थी, जिसमें देशभर के बुद्धिजीवी, पर्यावरण विशेषज्ञ और नगर निगम के पार्षद भाग लेने वाले थे। हालांकि, प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी। अब इस बैठक को बाद में आयोजित किया जाएगा। राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच के सामने एक रिपोर्ट प्रस्तुत की है, जिसमें कहा गया है कि इस बीमारी से सात लोगों की मौत हुई है, जिनमें एक पांच महीने का बच्चा भी शामिल है।
इसी बीच, महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज की एक समिति की ‘डेथ ऑडिट’ रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भागीरथपुरा में 15 मौतें इस बीमारी से जुड़ी हो सकती हैं। राहुल गांधी के दौरे के बारे में पूछे जाने पर, वरिष्ठ बीजेपी नेता सुमित्रा महाजन ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को अपनी भूमिका पूरी ताकत से निभानी चाहिए। उन्होंने कहा, “गांधी को आने दीजिए, यदि वे कुछ अच्छे सुझाव देते हैं तो संबंधित अधिकारी उन्हें विचार में लेंगे।”











