इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतें: राजनीतिक हलचल तेज
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में प्रदूषित पानी पीने से हुई मौतों ने पूरे प्रदेश में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इसे जीवन के मूल अधिकार का उल्लंघन बताते हुए कठोर शब्दों में आलोचना की है। वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने इस घटना को ‘अक्षम्य पाप’ करार देते हुए अपनी ही सरकार पर तीखा हमला बोला है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और सरकार की जिम्मेदारी
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर अपने बयान में कहा कि इंदौर में न केवल पानी बल्कि जहर का वितरण किया गया है, और प्रशासन पूरी तरह से निष्क्रिय रहा। उन्होंने सवाल किया कि घर-घर मातम पसरा है, गरीब बेबस हैं, और फिर भी सरकार की ओर से कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने पूछा कि क्यों समय रहते पानी की सप्लाई बंद नहीं की गई और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी। इस घटना के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मध्य प्रदेश सरकार से दो हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है।
उमा भारती का कड़ा रुख और जनता की पीड़ा
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने इस घटना को ‘कुलंक’ करार देते हुए कहा कि जिम्मेदारों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने पूछा कि जब जनता गंदा पानी पी रही थी और सरकार बेखबर थी, तो पद पर रहते हुए वे क्यों बिसलेरी पानी पीते रहे। उन्होंने कहा कि यह घटना सरकार की लापरवाही का परिणाम है और अपराधियों को कठोर दंड मिलना चाहिए। उमा भारती ने यह भी कहा कि जीवन की कीमत दो लाख रुपये नहीं हो सकती, और यह मोहन यादव (मध्य प्रदेश के मंत्री) की परीक्षा का समय है।









