बोत्सवाना से आए चीते कूनो नेशनल पार्क में सुरक्षित स्थान पर पहुंचे
मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क में आज एक ऐतिहासिक घटना देखने को मिली, जब बोत्सवाना (Botswana) से लाए गए नौ नए चीते सुरक्षित तरीके से पार्क में पहुंचाए गए। इस कदम के साथ ही भारत में चीते की कुल संख्या अब 48 हो गई है। लगभग सात दशक पहले देश से विलुप्त हो चुके इस तेज़ जानवर की वापसी का यह प्रयास प्रोजेक्ट चीता (Project Cheetah) के तहत तेजी से आगे बढ़ रहा है, जो वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
चीता की पुनर्स्थापना के लिए सरकार और सेना का संयुक्त प्रयास
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने जानकारी दी कि इन चीते को पार्क के तैयार बाड़ों में छोड़ा जाएगा। बोत्सवाना से लाए गए इन जानवरों को भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) के एयरक्राफ्ट के माध्यम से ग्वालियर लाया गया, जहां से आईएएफ के हेलीकॉप्टरों ने इन्हें कूनो नेशनल पार्क में स्थानांतरित किया। यह अफ्रीका (Africa) से आया तीसरा बैच है, इससे पहले नामीबिया (Namibia) और दक्षिण अफ्रीका (South Africa) से भी चीते लाए गए थे।
प्रोजेक्ट चीता के तहत भारत में चीते की पुनर्स्थापना का प्रयास
आईएएफ ने अफ्रीका से लाए गए इन चीते की पुनर्स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रोजेक्ट चीता के निदेशक उत्तम शर्मा ने बताया कि फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से और सितंबर 2022 में नामीबिया से इन जानवरों को भारत लाया गया था। इस प्रयास का उद्देश्य भारत में चीता प्रजाति को फिर से स्थापित करना है। केंद्र सरकार के समर्थन से इस परियोजना को मजबूत किया जा रहा है, और जल्द ही इनकी संख्या को 50 तक पहुंचाने का लक्ष्य है।











