इंदौर और खंडवा के बीच नई इंटरनेशनल स्तर की सड़क परियोजना
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर और दक्षिण के प्रमुख शहर खंडवा के बीच का यात्रा मार्ग अब अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होने जा रहा है। तेजाजीनगर से बलवाड़ा तक 33.40 किलोमीटर लंबा चार लेन का सड़क मार्ग निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस परियोजना का मुख्य आकर्षण तीन अत्याधुनिक सुरंगें हैं, जो भेरूघाट, बाईग्राम और चोरल घाट की खतरनाक रास्तों को सुरक्षित और आसान बना देंगी।
सुरंगों का निर्माण और तकनीकी विशेषताएं
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के रीजनल ऑफिसर श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि इस मार्ग पर तीन सुरंगें और वायाडक्ट का निर्माण किया जा रहा है। घाटी क्षेत्र की कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए, न्यू ऑस्ट्रेलियन टनलिंग मेथड (NATM) और इलेक्ट्रॉनिक ब्लास्टिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। भेरूघाट सुरंग की लंबाई 575 मीटर है, साथ ही एक भव्य वायाडक्ट भी तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा, बाईग्राम सुरंग 480 मीटर और चोरल घाट सुरंग 550 मीटर लंबी बनाई जा रही हैं।
सुरंगों की कुल लंबाई और यात्रा में सुधार
इन सुरंगों की कुल लंबाई लगभग 1.8 किलोमीटर है, जो शार्प मोड़ और ढाल वाले रास्तों को पार कर यात्रा को अधिक सुरक्षित और सीधा बनाएंगी। वर्तमान में इंदौर से ओंकारेश्वर का सफर 2.5 से 3 घंटे का होता है, लेकिन इस परियोजना के पूरा होने के बाद यह समय आधा रह जाएगा। यह मार्ग सिंहस्थ-2028 के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा साबित होगा, जब वे महाकालेश्वर (उज्जैन) और ओंकारेश्वर के बीच यात्रा करेंगे।










