छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में नक्सली सरेंडर की बड़ी घटनाएं
छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय 22 नक्सली समूहों ने हाल ही में दो अलग-अलग घटनाओं में अपने हथियार डाल दिए हैं। इनमें से एक इनामी नक्सली राधे, जिसकी कीमत एक करोड़ रुपये थी, और माओवादी संगठन के शीर्ष नेता रामधर माझी भी शामिल हैं। इन घटनाओं ने सुरक्षा बलों के लिए बड़ी सफलता का संकेत दिया है।
कुम्ही में माओवादी नेताओं का सरेंडर और हथियारों का जखीरा
सुरक्षा एजेंसियों को मिली जानकारी के अनुसार, माओवादी संगठन के केंद्रीय कमेटी के सदस्य रामधर माझी ने सोमवार को खैरागढ़ के बकरकट्टा पुलिस स्टेशन पर अपने 11 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। इस दौरान उन्होंने एक AK-47 राइफल भी सौंपी। साथ ही, चंदू उसेंडी, ललिता, जानकी और प्रेम जैसे अन्य माओवादी नेताओं ने भी अपने हथियार जैसे AK-47 और INSAS राइफलें पुलिस को सौंप दीं।
महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ क्षेत्र में बड़ी संख्या में नक्सली हथियार छोड़कर आए
इसके अलावा, ACM सदस्य रामसिंह दादा, सुकेश पोट्टम और अन्य पार्टी सदस्यों ने भी अपने पास रखे हथियार जैसे AK-47, INSAS, SLR, .303 और .30 कार्बाइन को पुलिस के हवाले कर दिया। ये सभी नक्सली महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ (MMC) स्पेशल जोनल कमेटी में सक्रिय थे। एक दिन पहले ही, बालाघाट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में कुल 10 नक्सली, जिनमें से एक सुरेंद्र उर्फ कबीर भी था, ने अपने हथियार छोड़ दिए। इन नक्सलियों पर कुल इनाम की राशि 2.36 करोड़ रुपये थी।









