मध्य प्रदेश में गांजा तस्करी का मामला और मंत्री का स्पष्ट रुख
मध्य प्रदेश की नगरीय विकास और आवास मंत्री प्रतिमा बागरी के सगे भाई के गांजा तस्करी में पकड़े जाने की खबर ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है। इस मामले में आरोपी अनिल बागरी को लेकर मंत्री का स्पष्ट मत सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपने भाई होने से इनकार कर दिया है।
मंत्री का बयान और मीडिया के सवालों पर प्रतिक्रिया
जब पत्रकारों ने मंत्री प्रतिमा बागरी से पूछा कि क्या उनका सगा भाई अनिल बागरी ही है, जिसे गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, तो उन्होंने इस सवाल को टालते हुए कहा कि मीडिया अक्सर रिश्तों को गलत तरीके से जोड़ देता है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके क्षेत्र के लोग उन्हें दीदी कहते हैं, तो क्या इसका मतलब है कि वे उनके भाई हो जाएंगे? मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार निष्पक्ष जांच कर रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
गांजा तस्करी का मामला और पुलिस की कार्रवाई
रामपुर बघेलान थाना पुलिस ने अवैध गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए माता मोड़ इलाके से दो तस्करों अनिल बागरी और पंकज सिंह को गिरफ्तार किया। इनके पास से लगभग 46 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया और जेल भेज दिया। इस रैकेट में एक अन्य आरोपी सीलेंद्र सिंह उर्फ सोम राजवत भी शामिल है, जो पहले कोरेक्स सिरप और हाल ही में UP के बांदा जिले में गांजा तस्करी में गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस उसकी संलिप्तता की भी जांच कर रही है।











