मध्य प्रदेश में अवि प्रसाद की निजी जिंदगी चर्चा का विषय
मध्य प्रदेश की सरकारी गलियारों में इन दिनों एक नाम फिर सुर्खियों में है, और वह है अवि प्रसाद। इस बार चर्चा का कारण कोई सरकारी तबादला या विकास कार्य नहीं, बल्कि उनकी व्यक्तिगत जीवनशैली है। अवि प्रसाद ने तीसरी शादी कर ली है, जबकि दोनों पहले से ही भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी हैं और वर्तमान में जिले के कलेक्टर पद पर कार्यरत हैं। उनकी तीसरी पत्नी राज्य सरकार के मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर हैं।
अवि प्रसाद का प्रशासनिक करियर शुरू से ही उल्लेखनीय रहा है। वर्ष 2013 में उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में चयन पाया, लेकिन बाद में उन्होंने पुनः प्रयास किया और 2014 में यूपीएससी परीक्षा में 13वीं रैंक प्राप्त कर IAS में जगह बनाई। यह उपलब्धि उन्हें अपने बैच के प्रतिभाशाली अधिकारियों में शामिल करती है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से ताल्लुक रखने वाले अवि प्रसाद ने बचपन से ही राजनीति और प्रशासनिक माहौल का अनुभव लिया है। उनके दादा टम्बेश्वर प्रसाद, जो चौधरी चरण सिंह की सरकार में मंत्री थे, उनके जीवन में प्रेरणा स्रोत रहे हैं।
उनकी पहली शादी और व्यक्तिगत जीवन का सफर
अवि प्रसाद की पहली शादी का संबंध उनके उस समय की तैयारी के दिनों से था। उनके जीवन में पहली बार उनकी शादी दिल्ली में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान हुई, जहां उनकी मुलाकात रिजु बाफना से हुई। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में उनका विवाह हो गया। वर्तमान में रिजु बाफना मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले की कलेक्टर हैं और एक सख्त और प्रभावशाली प्रशासक के रूप में जानी जाती हैं। हालांकि, यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चल पाया। कुछ वर्षों बाद दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया और तलाक हो गया।
दूसरी शादी और फिर तीसरी शादी का सफर
तलाक के बाद अवि प्रसाद ने 2016 में आंध्र प्रदेश की आईएएस अधिकारी मिशा सिंह से दूसरी शादी की। विवाह के बाद मिशा सिंह ने मध्य प्रदेश कैडर में स्थानांतरण किया और वर्तमान में रतलाम की कलेक्टर हैं। उनका कार्यकाल सक्रिय प्रशासनिक शैली के लिए जाना जाता है, जिसमें वे योजनाओं की समीक्षा और निरीक्षण में सक्रिय रहती हैं। हालांकि, यह रिश्ता भी चार वर्षों के बाद समाप्त हो गया।
अविवाहित रहते हुए, उन्होंने 2017 में आईएएस अधिकारी अंकिता धाकरे से तीसरी शादी की। दोनों ने 11 फरवरी को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में एक सादे समारोह में विवाह किया। यह आयोजन वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुके कूनो में हुआ, जहां शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। कुछ लोगों ने इसे निजी निर्णय माना, तो कुछ ने लगातार वैवाहिक बदलावों पर सवाल उठाए।
प्रशासनिक कार्यशैली और सामाजिक छवि
अवि प्रसाद की पहचान केवल उनकी निजी जिंदगी तक सीमित नहीं है। वे मध्य प्रदेश शासन में एक भरोसेमंद और तेजतर्रार अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। वर्तमान में वे मध्य प्रदेश रोजगार गारंटी परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के पद पर हैं। इससे पहले वे कई जिलों में जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। कटनी जिले में कलेक्टर रहते हुए उन्होंने कुपोषण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया, जिसने सरकार की चिंता बढ़ा दी थी।
उन्होंने आंगनवाड़ी नेटवर्क की समीक्षा, स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय और जमीनी स्तर पर निगरानी को मजबूत करने जैसे कदम उठाए, जिनकी सराहना पूरे राज्य में हुई। उनके प्रशासनिक नवाचार और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उन्हें कई बार सम्मानित भी किया गया है। उनके समर्थक कहते हैं कि वे निर्णय लेने में तेजी दिखाते हैं और फील्ड विजिट को प्राथमिकता देते हैं। अवि प्रसाद ने अपनी तीसरी शादी को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है और न ही सोशल मीडिया पर कोई प्रतिक्रिया दी है।











