मध्य प्रदेश में अमानक कफ सिरप से बच्चों की मौतें
मध्य प्रदेश में खतरनाक कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौतों के बाद स्वास्थ्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस संवेदनशील मामले पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। सरकार का प्राथमिक उद्देश्य पीड़ित बच्चों का जीवन बचाना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रभावित बच्चों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। आवश्यक होने पर बच्चों को बड़े अस्पतालों में शिफ्ट करने के लिए एयर एंबुलेंस का भी प्रयोग किया जाएगा।
तमिलनाडु की दवा फैक्ट्री से जुड़ा मामला
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि यह मामला तमिलनाडु की एक दवा निर्माण कंपनी से संबंधित है। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां की सरकार और प्रशासन ने निर्माण और गुणवत्ता जांच में लापरवाही बरती है। दवाओं का निर्माण और लाइसेंस प्रदान करने का जिम्मा उस राज्य की सरकार का है। बैचवार जांच भी अनिवार्य है, लेकिन तमिलनाडु में इस प्रक्रिया में गंभीर चूक हुई है। मंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार दोषियों को बख्शेगी नहीं। पुलिस की टीमें तमिलनाडु भेजी जा रही हैं ताकि जिम्मेदार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जा सके।
कानूनी कार्रवाई और दवाओं की जांच
मंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में बनने वाली दवाओं की नियमित जांच होती है और सख्त नियम लागू हैं। हालांकि, बाहर से आने वाली हजारों ब्रांड्स की दवाओं की केवल रैंडम जांच की जाती है। इंदौर में एक फैक्ट्री में गड़बड़ी पाए जाने पर उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई फैक्ट्री मानकों का उल्लंघन करती है, तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दवाओं की गुणवत्ता और नियमों का पालन
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दवाओं की रैंडम जांच की प्रक्रिया चलती रहती है। इसमें ड्रग इंस्पेक्टर मेडिकल स्टोर पर जाकर नमूने लेते हैं और उनकी जांच कराते हैं। लेकिन हजारों ब्रांड्स और दवाओं के कारण यह संभव नहीं है कि हर एक का निरीक्षण किया जाए। फिर भी, निर्माण स्थल पर अनिवार्य रूप से जांच की जाती है। मंत्री ने बताया कि प्रदेश में सभी दवाओं और फैक्ट्रियों के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं। ड्रग इंस्पेक्टर लगातार इन फैक्ट्रियों की निगरानी कर रहे हैं। तमिलनाडु सरकार की जिम्मेदारी थी कि ऐसी दवाएं बाहर न जाएं, लेकिन इसमें उसकी बड़ी विफलता है।











