मध्य प्रदेश में थैलेसीमिया बच्चों में HIV संक्रमण की जांच शुरू
मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में एक छह सदस्यीय समिति का गठन किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को HIV संक्रमण कैसे हुआ। इस गंभीर मामले की जांच के लिए पब्लिक हेल्थ और मेडिकल एजुकेशन विभाग के अधिकारियों ने तुरंत कदम उठाए हैं।
यह कदम तब उठाया गया जब सतना, जबलपुर और अन्य जिलों के अस्पतालों में इलाज कर रहे छह बच्चों में HIV पॉजिटिव पाए जाने की खबर सामने आई। इन बच्चों की उम्र 12 से 15 वर्ष के बीच है, और उनके खून की जांच में यह संक्रमण पाया गया। अधिकारियों ने बताया कि इन बच्चों के माता-पिता भी HIV संक्रमित पाए गए हैं, जिससे इस मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
जांच समिति का गठन और रिपोर्ट का समय सीमा
मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। समिति की अध्यक्षता पब्लिक हेल्थ और मेडिकल एजुकेशन विभाग के रीवा डिवीजन के रीजनल डायरेक्टर डॉ. सत्य अवधिया करेंगे। इसके साथ ही स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल (SBTC) की डिप्टी डायरेक्टर रूबी खान, AIIMS भोपाल के ब्लड ट्रांसफ्यूजन विशेषज्ञ रोमेश जैन, भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल की सीमा नावेद, होशंगाबाद के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के सीनियर ड्रग इंस्पेक्टर संजीव जादौन और भोपाल के ड्रग इंस्पेक्टर प्रियंका चौबे जैसी विशेषज्ञ सदस्य भी इस जांच टीम में शामिल हैं।
आदेश और आगे की कार्रवाई
जांच टीम को सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। इस रिपोर्ट में यह भी जांच की जाएगी कि क्या सरकारी अस्पताल के अलावा किसी अन्य अस्पताल में भी खून चढ़ाया गया था। सतना कलेक्टर ने बताया कि जनवरी से मई के बीच इन बच्चों में HIV संक्रमण के मामले सामने आए हैं, और फिलहाल सभी पीड़ित इलाज करा रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, स्वास्थ्य विभाग ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। सरकार का मानना है कि इस जांच से खून की सुरक्षा और अस्पतालों में होने वाली प्रक्रियाओं में सुधार की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।











