मध्य प्रदेश कांग्रेस का अनूठा टैलेंट हंट अभियान
मध्य प्रदेश कांग्रेस पार्टी वर्तमान में केवल आगामी चुनावों की रणनीति बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपनी छवि को नई दिशा देने के लिए एक अभिनव प्रयास कर रही है। विधानसभा और लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए, पार्टी ने एक विशेष टैलेंट हंट कार्यक्रम शुरू किया है, जिसमें प्रवक्ता, रिसर्च कोऑर्डिनेटर और मीडिया कोऑर्डिनेटर का चयन किया जा रहा है। सामान्यतः देखने को मिलते हैं सिंगिंग और डांसिंग जैसे टैलेंट हंट, लेकिन राजनीतिक दल का यह अनूठा प्रयास मेरे लिए पहली बार था। जब मैंने इसका नाम सुना, तो तुरंत ही इसकी वास्तविकता का अनुभव लेने का मन बना लिया।
प्रक्रिया का माहौल और प्रतिभागियों का उत्साह
मैंने तुरंत ही अपने कार्यालय से गाड़ी निकाली और भोपाल के प्रदेश कांग्रेस कार्यालय की ओर चल पड़ा। यह कार्यालय शिवाजी नगर में स्थित है, जो शहर के बीचोंबीच है। बाहर से देखने पर यह शांत और सामान्य सा प्रतीत होता है, कोई खास भीड़-भाड़ नहीं थी। बाहर खड़े एक कांग्रेस कार्यकर्ता ने बताया कि इस टैलेंट हंट में भाग लेने आए लोग अंदर प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल में मौजूद हैं। यह सुनते ही मैं सीधे उसी दिशा में बढ़ गया।
अंदर प्रवेश करते ही माहौल पूरी तरह से बदल गया था। सुबह से ही हलचल मची थी। दूर-दराज के जिलों से आए कार्यकर्ता अपने दस्तावेज, नोट्स और तैयारी के साथ मौजूद थे। कई युवा चेहरे आत्मविश्वास से भरे हुए थे, आंखों में उत्साह और हाथों में पार्टी का साहित्य। किसी के पास संविधान की प्रति थी, तो कोई हाल के राजनीतिक मुद्दों पर नोट्स दोहरा रहा था। माहौल में प्रतियोगिता की गंभीरता के साथ-साथ विचारधारा के प्रति साझा प्रतिबद्धता भी झलक रही थी।
एक रजिस्ट्रेशन डेस्क भी लगाई गई थी, जिसके बाद प्रतिभागियों को हॉल में प्रवेश दिया जा रहा था। यह वही कमरा था, जहां अक्सर कांग्रेस नेताओं की प्रेस वार्ताएं होती हैं, लेकिन उस दिन इसका स्वरूप पूरी तरह से बदल गया था। पत्रकारों और कैमरों से भरे इस कमरे में प्रतिभागी गोलाकार में ग्रुप डिस्कशन कर रहे थे। दीवारों पर कांग्रेस से जुड़ी खबरों की अखबार कटिंग्स लगी थीं, जिन्हें ध्यान से पढ़ा जा रहा था, मानो उनसे सवाल पूछे जाने वाले हों।
राजनीतिक ऊर्जा से भरपूर चयन प्रक्रिया
यह चयन प्रक्रिया युवा और अनुभवी दोनों तरह के प्रतिभागियों से भरी थी। 24 से 55 वर्ष के बीच के प्रतिभागी अपने विचार प्रस्तुत कर रहे थे। चर्चा में भाग लेने वाले प्रतिभागी आंकड़ों, तर्क और वैचारिक आधार पर अपनी बात रख रहे थे। यहां सिर्फ आवाज की ऊंचाई मायने नहीं रखती थी, बल्कि तथ्य, संयम और प्रस्तुति की गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण थी।
मैंने विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागियों से बातचीत की। विदिशा से आए राहुल ने बताया कि उन्होंने कांग्रेस से जुड़े साहित्य का अध्ययन किया है और राष्ट्रीय व प्रदेश प्रवक्ताओं के वीडियो देखकर उनकी भाषा और प्रस्तुति को समझने का प्रयास किया है। उनका आत्मविश्वास देखकर यह स्पष्ट था कि उन्होंने पूरी तैयारी के साथ इस मंच पर भाग लिया है।
इस प्रक्रिया में युवा कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि पेशेवर पृष्ठभूमि वाले भी शामिल हैं। रीवा के कौशल तिवारी, जो भोपाल में यूपीएससी की तैयारी कराते हैं, भी इस टैलेंट हंट में भाग लेने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि उनके अनुभव और विचारधारा को मंच देने का यह अच्छा अवसर है। वहीं, बैतूल से आई रेशमा ने कहा कि वर्तमान सामाजिक माहौल उन्हें सही नहीं लगता और वे सामाजिक ताने-बाने को मजबूत बनाने के लिए इस मंच का उपयोग करना चाहती हैं।
मौके पर मौजूद प्रतिभागियों से कांग्रेस के बारे में सामान्य सवाल भी पूछे गए। एक युवा नेता से कांग्रेस के पहले अध्यक्ष, पहली महिला अध्यक्ष और पहले अधिवेशन के बारे में पूछा गया, लेकिन वे जवाब नहीं दे सके। वहीं, एक महिला प्रतिभागी से वर्तमान परिदृश्य से जुड़े सवाल पर उन्होंने कांग्रेस के विधायकों की संख्या 66 बताई, जबकि सही संख्या 64 है। इस तरह की बातचीत से यह स्पष्ट हुआ कि प्रतिभागियों में पार्टी के इतिहास और वर्तमान के बारे में जागरूकता का स्तर अलग-अलग था।
मीडिया विभाग के प्रमुख ने बताया कि इस चयन प्रक्रिया के माध्यम से 20 प्रदेश प्रवक्ता, 10 मीडिया पैनलिस्ट, हर जिले से दो प्रवक्ता, दो राष्ट्रीय पैनलिस्ट और एक अंग्रेजी मीडिया पैनलिस्ट का चयन किया जाएगा। इन पदों के लिए विचारधारा की प्रतिबद्धता, समकालीन मुद्दों की समझ, शोध क्षमता, वाकपटुता और मीडिया प्रबंधन जैसे मानदंड तय किए गए हैं।
करीब दो घंटे की इस प्रक्रिया के बाद यह स्पष्ट हो गया कि पार्टी संगठनात्मक स्तर से ऊपर उठकर बौद्धिक और शोधपरक प्रतिभाओं को अपने मीडिया और प्रचार टीम में शामिल करना चाहती है। यह प्रयास कांग्रेस की नई सोच और रणनीति का प्रतीक है, जो युवाओं और अनुभवी दोनों वर्गों को साथ लेकर पार्टी की नई दिशा तय कर रहा है।









