मध्य प्रदेश विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान अप्रत्याशित स्थिति
मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में शुक्रवार को प्रश्नकाल के समय एक अनूठा दृश्य देखने को मिला। जब सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के एक दर्जन से अधिक विधायक सदन में उपस्थित नहीं थे, जबकि उनके नाम प्रश्नसूची में शामिल थे। यह घटना इस बात का संकेत है कि इतने बड़े पैमाने पर विधायकों का प्रश्नकाल के दौरान गैरहाजिर रहना अब तक का शायद पहला मामला है।
सदन अध्यक्ष ने भी नाम पुकारे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला
विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने अंतिम प्रश्न (पच्चीसवां) के बाद भी कई विधायकों के नाम पुकारे, लेकिन किसी ने भी जवाब नहीं दिया। इस स्थिति ने सदन की कार्यवाही को असामान्य बना दिया और यह दर्शाया कि कई विधायक अपने उत्तरदायित्वों से दूर रहे। इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।
गैरहाजिरी का कारण और विधायक की प्रतिक्रिया
विधायी कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि इन विधायकों की गैरहाजिरी का कारण शादियों का सीजन है, जो इस समय अपने चरम पर है। उन्होंने कहा कि जनता से अपेक्षा की जाती है कि उनके प्रतिनिधि इन महत्वपूर्ण आयोजनों में भाग लें। उन्होंने सुझाव दिया कि विधानसभा के कैलेंडर को शादियों के सीजन को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाना चाहिए ताकि ऐसी स्थिति न बने।









