मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री के विवादित बयान पर राजनीतिक हंगामा
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के एक बयान ने प्रदेश में राजनीतिक हलचल मचा दी है। पंचायत सचिवों और सहायकों के प्रति उनकी टिप्पणी को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने तीखा विरोध जताया है और तुरंत माफी की मांग की है। मुख्यमंत्री यादव ने अपने भाषण में कहा कि ग्राम पंचायत सचिव और सहायक सचिवों की हैसियत क्या है, सबको निपटा देंगे।
मुख्यमंत्री का पंचायत व्यवस्था पर बयान और विवाद
यह बयान राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित सरपंच संयुक्त मोर्चा सम्मेलन के दौरान दिया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायतराज व्यवस्था में सरपंचों के पास पर्याप्त अधिकार हैं और वे अपनी पंचायत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सक्षम हैं। उन्होंने पंचायतों को 25 लाख रुपए तक के कार्य करने का अधिकार भी प्रदान करने की घोषणा की। साथ ही, पंचायत प्रतिनिधियों को विकास कार्यों के लिए 50-50 हजार रुपए की राशि ट्रांसफर करने का भी संकेत दिया।
विवादित बयान और कांग्रेस की प्रतिक्रिया
सीएम यादव ने सख्त लहजे में कहा कि यदि सचिव काम नहीं करेगा तो उसे हटा दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “साले को हटा देंगे… इनकी औकात क्या, दिक्कत आएगी तो ठीक करेंगे।” इस बयान के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे जनता का अपमान बताया और कहा कि पंचायत सचिवों और सहायकों को गाली देना अनुचित है। पटवारी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ग्राम स्वराज की भावना के विपरीत सभी अधिकार अपने पास केंद्रित कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मुख्यमंत्री ने माफी नहीं मांगी तो कांग्रेस सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी।











