मध्य प्रदेश में गांजा तस्करी का बड़ा खुलासा
मध्य प्रदेश की राजधानी में हाल ही में हुई पुलिस कार्रवाई ने नशे के कारोबार का पर्दाफाश कर दिया है। सतना पुलिस ने अवैध गांजा तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया, जिसमें भारी मात्रा में लगभग 46 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। इस कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से एक आरोपी का संबंध राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के परिवार से है। यह गिरफ्तारी प्रदेश में नशे के अवैध व्यापार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसे उजागर करती है।
परिवार के सदस्य ही बन रहे तस्कर, मंत्री का गुस्सा और विवाद
जब इस मामले में मीडिया ने मंत्री प्रतिमा बागरी से सवाल किया, तो उन्होंने गुस्से में जवाब देते हुए कहा, “जबरदस्ती की बात क्यों कर रहे हो आप लोग?” इस विवाद के बीच पुलिस ने अनिल बागरी और पंकज सिंह को गिरफ्तार किया, जिनसे भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। खास बात यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक अनिल बागरी, मंत्री का सगा भाई है। इससे पहले भी उनके बहनोई को इसी तरह के नशे के कारोबार में गिरफ्तार किया जा चुका है। यह घटनाक्रम प्रदेश की राजनीति और अपराध के गठजोड़ को उजागर करता है।
पुलिस की कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रिया
पुलिस ने इस मामले में नशीली कोरेक्स सिरप और गांजा तस्करी के आरोप में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ASP प्रेम लाल कुर्वे ने बताया कि नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों को अदालत में पेश किया गया है। इस कार्रवाई ने प्रदेश में नशे के कारोबार के खिलाफ सरकार की गंभीरता को दर्शाया है। वहीं, विपक्षी दल ने इस घटना को लेकर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं, और कहा है कि मंत्री के परिवार के सदस्य ही अब खुलेआम अवैध तस्करी में लिप्त हैं। यह मामला प्रदेश में अपराध और राजनीति के गठजोड़ की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसे स्पष्ट करता है।











