मध्य प्रदेश में आसमान से गिरा संदिग्ध उपकरण
रायसेन जिले के एक गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब आसमान से एक अज्ञात वस्तु गिरती दिखाई दी। यह उपकरण पर ‘Malaysia Meteorological Department’ का नाम लिखा था, जिससे ग्रामीणों में भय फैल गया। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। जांच में पता चला कि यह कोई विस्फोटक नहीं बल्कि एक रेडियोसोंडे (Radiosonde) था, जो मौसम संबंधी आंकड़े एकत्र करने के लिए प्रयोग किया जाता है।
रेडियोसोंडे का परिचय और घटना का विवरण
यह घटना रायसेन के बेगमगंज क्षेत्र के मरखंडी गांव की है, जो जिला मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर दूर है। ग्रामीणों ने देखा कि यह उपकरण आसमान से गिरकर गांव के रिहायशी इलाके में आ गिरा। इससे घबराए ग्रामीण घर छोड़कर खेतों की ओर भागने लगे। उप-विभागीय पुलिस अधिकारी सोनल गुप्ता ने बताया कि ग्रामीणों को संदेह था कि यह कोई खतरनाक वस्तु या विस्फोटक हो सकती है। इसी आशंका के चलते उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस टीम मौके पर पहुंची, क्षेत्र को सुरक्षित किया और उपकरण को अपने कब्जे में ले लिया।
पुलिस की जांच और वैज्ञानिक विश्लेषण
जांच में स्पष्ट हुआ कि यह कोई विस्फोटक नहीं बल्कि एक रेडियोसोंडे था, जो वायुमंडलीय आंकड़े जुटाने के लिए प्रयोग किया जाता है। यह उपकरण आमतौर पर मौसम गुब्बारे (Weather Balloon) के साथ छोड़ा जाता है और वायुमंडलीय दबाव, तापमान, हवा की दिशा और गति जैसे आंकड़े रिकॉर्ड करता है। पुलिस के अनुसार, इस उपकरण पर ‘Malaysia Meteorological Department’ का नाम दर्ज है, जिससे पता चलता है कि यह मलेशिया का है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊपरी वायुमंडल में तेज हवाओं और जेट स्ट्रीम के कारण यह उपकरण हजारों किलोमीटर का सफर तय कर भारत तक पहुंच गया होगा। पुलिस और प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि भविष्य में उन्हें इस तरह का कोई उपकरण मिले, तो उसे न छुएं और तुरंत पुलिस को सूचित करें। वैज्ञानिकों का कहना है कि रेडियोसोंडे हाइड्रोजन से भरे गुब्बारों के माध्यम से लगभग 15 से 20 किलोमीटर ऊंचाई तक भेजे जाते हैं और कई बार ये अपने लॉन्च पॉइंट से सैकड़ों किलोमीटर दूर गिर सकते हैं।










