मध्य प्रदेश के मैहर जिले में नल-जल योजना का बड़ा हादसा टला
मध्य प्रदेश के मैहर जिले के अमरपाटन में नल-जल योजना की मुख्य पाइपलाइन फटने से एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यह घटना अमरपाटन-सतना मार्ग पर स्थित सरकारी कॉलेज के सामने बिछी बाणसागर प्रोजेक्ट की पाइपलाइन के फटने से हुई। इस पाइपलाइन के फटने से कॉलेज के अंदर स्थित अनुसूचित जाति बालक छात्रावास में पानी भर गया, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति बन गई।
पाइपलाइन फटने से आई आपदा, रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू
पाइपलाइन फटने के कारण तेज बहाव के चलते कई बच्चे हॉस्टल के अंदर ही फंस गए। सूचना मिलते ही प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया। मौके पर अमरपाटन SDM, तहसीलदार और थाना प्रभारी पहुंचे। जेसीबी मशीन की मदद से तुरंत पानी निकालने का कार्य शुरू किया गया और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। पानी का दबाव इतना अधिक था कि सड़क भी टूट गई और हॉस्टल के आसपास की बाउंड्री पार कर पानी ने आस-पास की आवासीय कॉलोनियों में भी प्रवेश कर लिया।
सड़क और पानी की निकासी में आई चुनौतियां, राजनीति भी गरमाई
सड़क निर्माण कंपनी एलएनटी (L&T) के कर्मचारियों का कहना है कि निर्माण के दौरान पाइप लाइन का सेफ्टी वॉल्व सड़क के नीचे दब गया था और वह मिल नहीं रहा था। शुक्रवार को उस वॉल्व को खोजने के लिए लाइन का प्रेशर बढ़ाकर टेस्टिंग की गई, तभी यह हादसा हुआ। वहीं, SDM आरती सिंह पटेल ने कहा कि बिना पूर्व सूचना और तैयारी के इस तरह की टेस्टिंग करना गंभीर लापरवाही है। मिट्टी बह जाने से सड़क धंसने का खतरा भी बना हुआ है, जिस पर बैरिकेटिंग कर दी गई है।
इस मामले में अब राजनीति भी शुरू हो गई है। युवक कांग्रेस उपाध्यक्ष कौशलेंद्र सिंह ने कहा, “1600 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट में हुए भ्रष्टाचार की पोल खुल रही है। पहली ही टेस्टिंग में पाइप लाइन फटी है, जिससे साफ हो गया कि काम कैसे किया गया है।” सवाल यह है कि एलएनटी कंपनी कब तक सेफ्टी वॉल्व की मरम्मत करेगी और सड़क की स्थिति कब सुधरेगी, या फिर जिम्मेदारी तय होगी किसी दुर्घटना के बाद।”











